राजनीति और मनोरंजन जगत का पुराना नाता रहा है, लेकिन हाल ही में सांसद राघव चड्ढा के आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के फैसले ने एक नई बहस छेड़ दी है। इस राजनीतिक घटनाक्रम पर ‘बिग बॉस 19’ की कंटेस्टेंट और मशहूर अभिनेत्री कुनिका सदानंद ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है, जो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही है। कुनिका ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ पर एक भावुक और विचारोत्तेजक पोस्ट साझा करते हुए राघव चड्ढा के इस कदम पर अपनी गहरी नाराजगी और निराशा जाहिर की है।
कुनिका सदानंद ने अपने पोस्ट में लिखा कि उनके पास इस स्थिति को बयान करने के लिए शब्द कम पड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि राघव चड्ढा उनकी नजर में एक बेहद भरोसेमंद और सकारात्मक ऊर्जा वाले व्यक्ति थे। अभिनेत्री ने जिक्र किया कि जब राघव की शादी परिणीति चोपड़ा से हुई थी, तब वह बहुत खुश थीं कि परिणीति को एक ईमानदार और साफ-सुथरा जीवनसाथी मिला है। हालांकि, अब पाला बदलने के तरीके और उसमें छिपी कथित चालाकी को देखकर कुनिका ने अपनी खुद की परख और अंतर्ज्ञान पर ही सवाल उठाना शुरू कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी नाराजगी किसी विशेष पार्टी को चुनने से ज्यादा उस दल के प्रति वफादारी की कमी को लेकर है, जिसने राघव को उनकी पहचान दी थी।
I am at a loss for words, this man @raghav_chadha , was such a credible person in my eyes, i always thought he has a positive vibration, and was so correct. in fact when he married the lovely @ParineetiChopra i was so happy for her that she has found a promising, honest, clean… https://t.co/8LlMhv7pGV
— Kunickaa Sadanand (@Kunickaa) April 25, 2026
अपने संदेश के अंत में कुनिका ने देश की युवा पीढ़ी और राजनीतिक शुचिता पर एक चुभता हुआ सवाल खड़ा किया है। उन्होंने पूछा कि क्या भारत के युवाओं के डीएनए में अब वफादारी जैसी चीज नहीं बची है और क्या देश में कोई ऐसा नेता नहीं रहा जिस पर जनता आंख बंद करके भरोसा कर सके। उनके इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस को जन्म दे दिया है, जहां लोग वफादारी और राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के बीच के अंतर पर चर्चा कर रहे हैं।
गौरतलब है कि 24 अप्रैल को राघव चड्ढा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए आम आदमी पार्टी से अपने इस्तीफे और भाजपा में विलय का ऐलान किया था। उनके साथ राज्यसभा के छह अन्य सांसद—स्वाति मालीवाल, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, बलबीर सिंह और विक्रमजीत सिंह भी भाजपा में शामिल हो गए हैं। राघव चड्ढा का दावा है कि दो-तिहाई से अधिक सांसदों के समर्थन के कारण यह पूरी तरह से एक वैध विलय है, जबकि विपक्षी खेमे में इसे एक बड़े राजनीतिक विश्वासघात के तौर पर देखा जा रहा है।
