Bada Mangal 2026: सनातन धर्म में पवनपुत्र हनुमान की भक्ति और उपासना के लिए ज्येष्ठ मास के मंगलवार का विशेष महत्व है। आज यानी 9 जून को ज्येष्ठ महीने का छठा और अधिकमास (मलमास) का अंतिम ‘बड़ा मंगल’ मनाया जा रहा है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, त्रेतायुग में ज्येष्ठ माह के मंगलवार के दिन ही प्रभु श्रीराम और महाबली हनुमान जी का ऐतिहासिक प्रथम मिलन हुआ था। यही कारण है कि इस दिन को बजरंगबली की आराधना का महापर्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस पावन अवसर पर जो भी भक्त पूरी श्रद्धा के साथ मारुति नंदन की उपासना करता है, उसके जीवन के समस्त संकट, दुख और भय दूर हो जाते हैं। इसके साथ ही आज के दिन किए जाने वाले कुछ विशेष उपायों से करियर, विवाह और धन लाभ से जुड़ी बाधाएं समाप्त होती हैं और भाग्य का उदय होता है।
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त का समय
धार्मिक ग्रंथों और पंचांग के अनुसार, आज के दिन पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए निम्नलिखित मुहूर्त अत्यंत फलदायी रहेंगे:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 03 बजकर 52 मिनट से लेकर सुबह 04 बजकर 38 मिनट तक।
- अभिजीत मुहूर्त (मुख्य पूजा मुहूर्त): दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। इस समयावधि में की गई पूजा का विशेष पुण्य प्राप्त होता है।
हनुमान जी की संपूर्ण पूजन विधि
बड़े मंगल के दिन बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए शास्त्रों में एक निश्चित पूजन पद्धति बताई गई है:
- व्रत का संकल्प: सुबह सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नानादि से निवृत्त हों और साफ-सुथरे लाल या केसरिया रंग के वस्त्र धारण करें। इसके बाद अंजनीपुत्र के समक्ष व्रत का मानसिक संकल्प लें।
- स्थान की शुद्धि: पूजा स्थल को अच्छी तरह साफ करके वहां एक चौकी पर लाल रंग का आसन (कपड़ा) बिछाएं और उस पर हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
- सामग्री अर्पण: पूजन के दौरान भगवान को सिंदूर, चमेली का तेल, लाल रंग के पुष्प, बूंदी के लड्डू, पका हुआ केला, गुड़-चना और मीठा पान अर्पित करें।
- चोला चढ़ाना: इस दिन हनुमान जी को चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर चोला चढ़ाना बेहद कल्याणकारी माना जाता है।
- पाठ और आरती: धूप-दीप (शुद्ध घी का दीपक) जलाकर विधिवत पूजन करें। पूजा के पश्चात हनुमान चालीसा का 11 या 21 बार श्रद्धापूर्वक पाठ करें। जीवन के बड़े संकटों और नकारात्मकता से मुक्ति के लिए इस दिन बजरंग बाण का पाठ भी किया जा सकता है। अंत में कपूर या दीपक से आरती कर अपनी मनोकामनाएं भगवान के समक्ष निवेदित करें।
पूजा के दौरान इन दिव्य मंत्रों का करें जप
पूजा के समय एकाग्रचित्त होकर इन प्रभावी मंत्रों का जाप करने से मानसिक शांति और आत्मविश्वास की प्राप्ति होती है:
- ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहरणाय सर्वरोगहराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा।
- ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय विश्वरूपाय अमितविक्रमाय प्रकट-पराक्रमाय महाबलाय सूर्यकोटिसमप्रभाय रामदूताय स्वाहा।
- ॐ ऐं ह्रीं हनुमते श्री रामदूताय नमः
- राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्त्र नाम तत्तुन्यं राम नाम वरानने।।
अटके कार्यों को पूरा करने के विशेष उपाय
सिंदूर अर्पण एवं दान-पुण्य: कष्टों के निवारण हेतु हनुमान मंदिर जाकर भगवान के विग्रह पर सिंदूर चढ़ाएं और अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों व निर्धनों को अन्न, वस्त्र या जल का दान करें।
श्रीराम नाम की माला: चूंकि हनुमान जी प्रभु श्रीराम के परम भक्त हैं, इसलिए आज के दिन उन्हें ‘श्रीराम’ नाम लिखी हुई माला (तुलसी के पत्तों या कागज़ पर लिखकर) अर्पित करने से रुके हुए कार्यों को गति मिलती है।
पीपल के नीचे दीपदान: आज संध्याकाल में पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक प्रज्वलित करें और वहां बैठकर ‘राम नाम’ का मानसिक जप करें। इस उपाय से कुंडली के विभिन्न ग्रह दोषों का कुप्रभाव शांत होता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
बूंदी के लड्डू का भोग: मनोकामनाओं की शीघ्र पूर्ति के लिए संकटमोचन को बूंदी के लड्डुओं का नैवेद्य लगाएं।
मुख्य द्वार पर दीपक: बड़े मंगल की शाम को अपने घर के देवालय में हनुमान चालीसा का पाठ करें और घर के मुख्य द्वार (चौखट) पर एक दीपक अवश्य जलाएं। इससे घर की नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं और सुख-शांति का वास होता है।
