Bada Mangal 2026 Date: इस बार पड़ेंगे 8 बड़े मंगल, जानिए पहली तारीख, पूजा विधि और सुंदरकांड पाठ का महत्व

Bada Mangal 2026: हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर संकट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। वहीं ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले मंगलवार का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। इस विशेष मंगलवार को ‘बड़ा मंगल’ कहा जाता है।

बड़ा मंगल 2026 (Image: ChatGPT)
बड़ा मंगल 2026 (Image: ChatGPT)

Bada Mangal 2026: हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है। इस दिन बजरंगबली की पूजा करने से साहस, बल, बुद्धि और संकटों से रक्षा का आशीर्वाद मिलता है। वहीं ज्येष्ठ माह में आने वाले मंगलवार का महत्व और भी बढ़ जाता है। इस माह के मंगलवार को बड़ा मंगल कहा जाता है, जिसे अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना गया है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगलवार का संबंध कई दिव्य घटनाओं से जुड़ा है। मान्यता है कि इसी समय भगवान श्रीराम और हनुमान जी का प्रथम मिलन हुआ था। साथ ही, इसी माह के मंगलवार को हनुमान जी ने लंका दहन किया और उन्हें अमरता का वरदान भी प्राप्त हुआ। यही कारण है कि ज्येष्ठ माह के हर मंगलवार को विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।

साल 2026 में ज्येष्ठ माह अधिक लंबा रहने के कारण इस बार भक्तों को कुल 8 बड़े मंगल का सौभाग्य मिलेगा। आइए जानते हैं 2026 में बड़ा मंगल कब-कब पड़ेगा, पूजा विधि क्या है और सुंदरकांड पाठ का महत्व क्या है।

पहला बड़ा मंगल कब है?

साल 2026 में ज्येष्ठ माह 2 मई से शुरू होकर 29 जून तक रहेगा। इस दौरान आने वाले सभी मंगलवार बड़ा मंगल कहलाएंगे। पहला बड़ा मंगल 5 मई 2026 को पड़ेगा।

Bada Mangal 2026 Date List: यहां देखें पूरे 8 बड़े मंगल का कैलेंडर

क्रमतिथिविशेष
15 मई 2026पहला बड़ा मंगल
212 मई 2026दूसरा बड़ा मंगल
319 मई 2026तीसरा बड़ा मंगल
426 मई 2026चौथा बड़ा मंगल
502 जून 2026पांचवां बड़ा मंगल
609 जून 2026छठा बड़ा मंगल
716 जून 2026सातवां बड़ा मंगल
823 जून 2026आठवां बड़ा मंगल

इन सभी दिनों में व्रत, पूजा और हनुमान जी का स्मरण करना बेहद शुभ माना जाता है।

बड़ा मंगल पूजा विधि

बड़े मंगल के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। लाल या नारंगी रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। इसके बाद व्रत का संकल्प लें और पूजा स्थान पर हनुमान जी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।

फिर घी या तेल का दीपक जलाएं और सिंदूर, चमेली का तेल, फूल व अक्षत अर्पित करें। भोग में लड्डू, गुड़-चना, केला या नारियल चढ़ाएं। इसके बाद श्रद्धा से हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या हनुमान अष्टक का पाठ करें। शाम को आरती कर प्रसाद वितरित करें।

बड़े मंगल पर सुंदरकांड पाठ का महत्व

बड़ा मंगल के दिन सुंदरकांड का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि सुंदरकांड पाठ करने से भय, संकट, रोग और बाधाएं दूर होती हैं।

पाठ करते समय हनुमान जी की ऐसी तस्वीर या मूर्ति सामने रखें, जिसमें भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता भी विराजमान हों। उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करके शुद्ध मन और पूर्ण श्रद्धा से पाठ करना शुभ माना जाता है।

सुंदरकांड का पाठ कितने दिन करना चाहिए?

आप अपनी श्रद्धा और समय के अनुसार 11, 21, 31 या 41 दिनों तक सुंदरकांड का पाठ कर सकते हैं। ब्रह्म मुहूर्त में किया गया पाठ विशेष फलदायी माना जाता है।

बड़ा मंगल का महत्व

बड़ा मंगल भक्ति, श्रद्धा और आस्था का विशेष पर्व है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा करने पर जीवन में सुख, शांति, सफलता और हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है।

ऐसे में आप भी 2026 के इन 8 बड़े मंगल की तिथियां नोट कर लें और पूरे विधि-विधान से पूजा कर बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त करें।

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