Twisha Sharma Case: जमानत रद्द होते ही पूर्व जज गिरिबाला सिंह के घर पहुंची CBI, 3 घंटे से पूछताछ जारी; कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी!

Twisha Sharma Death Case: भोपाल में ट्विशा शर्मा डेथ केस में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के कुछ घंटों बाद ही सीबीआई की टीम उनके घर पहुंच गई।

हाई कोर्ट से बेल रद्द होते ही पूर्व जज गिरिबाला सिंह के घर पहुंची CBI
हाई कोर्ट से बेल रद्द होते ही पूर्व जज गिरिबाला सिंह के घर पहुंची CBI

Twisha Sharma Death Case: भोपाल में ट्विशा शर्मा डेथ केस में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के कुछ घंटों बाद ही सीबीआई की टीम उनके घर पहुंच गई। गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे सीबीआई के तीन अधिकारी भोपाल स्थित आवास पर पहुंचे और पिछले कई घंटों से पूछताछ जारी है। सूत्रों के मुताबिक, अब किसी भी वक्त गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी हो सकती है।

जानकारी के अनुसार, सीबीआई टीम घर के अंदर का डिजिटल नक्शा तैयार कर रही है और केस से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। इस दौरान गिरिबाला सिंह के वकील इनोश जार्ज कार्लो भी मौके पर पहुंचे। दूसरी ओर, सीबीआई ने भोपाल में जांच के लिए अस्थायी कैंप ऑफिस बनाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। एजेंसी ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर सुरक्षित दफ्तर उपलब्ध कराने की मांग की है, जहां केस से जुड़े दस्तावेज और सबूत सुरक्षित रखे जा सकें।

दरअसल, हाईकोर्ट ने ट्विशा शर्मा केस में गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत को निरस्त कर दिया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि वॉट्सऐप चैट्स, गवाहों के बयान और अब तक जुटाए गए साक्ष्यों में गिरिबाला सिंह के खिलाफ स्पष्ट आरोप सामने आते हैं। कोर्ट ने यह भी माना कि जमानत मिलने के बाद उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया। अदालत ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए राहत देना उचित नहीं था।

सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट में कई गंभीर दावे किए। जांच एजेंसी के मुताबिक, ट्विशा शर्मा के शरीर पर कई चोटों के निशान मिले थे, लेकिन ससुराल पक्ष इसकी संतोषजनक व्याख्या नहीं कर पाया। मेडिकल रिपोर्ट के हवाले से सीबीआई ने कहा कि ये चोटें शव को फंदे से उतारते समय नहीं लगी थीं। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि गिरिबाला सिंह ने सोशल मीडिया पर वीडियो के चुनिंदा हिस्से वायरल कर जांच को प्रभावित करने की कोशिश की।

सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि वॉट्सऐप चैट्स से यह संकेत मिलता है कि ट्विशा के प्रेग्नेंट होने के बाद गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह ने उसके चरित्र पर सवाल उठाए थे। जांच एजेंसी के अनुसार, ट्विशा पर गर्भपात का दबाव बनाया गया और दहेज को लेकर मानसिक प्रताड़ना दी गई। सीबीआई ने अदालत से कहा कि मामले की सच्चाई तक पहुंचने के लिए गिरिबाला सिंह से कस्टोडियल इंटरोगेशन यानी हिरासत में पूछताछ जरूरी है।

33 वर्षीय ट्विशा शर्मा मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं। उन्होंने MBA किया था और दिल्ली में मार्केटिंग व कम्युनिकेशन सेक्टर में काम किया था। वह मॉडलिंग से भी जुड़ी रही थीं और मिस पुणे का खिताब जीत चुकी थीं। दिसंबर 2025 में उनकी शादी भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी, जो पूर्व सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के बेटे हैं।

लेकिन शादी के कुछ ही महीनों बाद 12 मई 2026 को ट्विशा अपने ससुराल में मृत पाई गईं। पुलिस के अनुसार, वह फंदे से लटकी मिली थीं। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआत में मामला आत्महत्या माना गया, लेकिन बाद में ट्विशा के परिवार ने दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और दबाव के गंभीर आरोप लगाए, जिसके बाद केस ने नया मोड़ ले लिया।

परिवार का दावा है कि मौत से पहले ट्विशा लगातार तनाव में थीं और घटना वाली रात वह अपने परिजनों से संपर्क में थीं। उन्होंने घर छोड़ने की बात भी कही थी। यही वजह है कि अब जांच एजेंसियां इस मामले को केवल आत्महत्या नहीं, बल्कि दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और सबूतों से छेड़छाड़ के एंगल से भी देख रही हैं।

हाईकोर्ट से राहत खत्म होने के बाद गिरिबाला सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। सीबीआई की सक्रियता और लगातार चल रही पूछताछ ने इस हाई-प्रोफाइल केस को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।

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