नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत और ईरान के बीच कूटनीतिक संपर्क तेज हो गया है। रविवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से फोन पर बातचीत की। इस बातचीत की जानकारी जयशंकर ने अपने X हैंडल के जरिए दी।
जयशंकर ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है और ईरान अपने मित्र देशों के साथ संवाद बढ़ा रहा है। ईरान में युद्ध शुरू होने के बाद यह छठी बार है जब दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई है। इससे पहले 21 मार्च को भी दोनों के बीच संवाद हुआ था।
खाड़ी देशों से भी संपर्क
एस. जयशंकर ने बताया कि उन्होंने कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से भी क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की। इन नेताओं के साथ पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचार-विमर्श किया गया।
नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने भी X पर पोस्ट कर बताया कि बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर भी चर्चा हुई।
Received a call from Foreign Minister @araghchi of Iran. Discussed the present situation.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) April 5, 2026
अमेरिका की कड़ी चेतावनी जारी
इस बीच अमेरिका की ओर से ईरान पर दबाव बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने को लेकर ईरान को सख्त चेतावनी दी है। फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि बातचीत जारी है और संभव है कि जल्द समझौता हो जाए।
हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान ने जल्द समझौता नहीं किया, तो अमेरिका “सब कुछ तबाह करने” और उसके तेल पर कब्जा करने जैसे कदमों पर विचार कर सकता है।
इस तरह एक ओर कूटनीतिक बातचीत तेज हो रही है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी भी लगातार तीखी होती जा रही है।
