मुंबई: मशहूर फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना ने बॉलीवुड और सुरक्षा एजेंसियों के बीच हड़कंप मचा दिया था। इस मामले की गहराई से जांच कर रही मुंबई क्राइम ब्रांच ने अब कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच में सामने आया है कि इस हमले को अंजाम देने के लिए बिश्नोई गैंग ने कुल 3 लाख रुपये की सुपारी तय की थी, जिसमें से 50 हजार रुपये एडवांस के तौर पर दिए गए थे।
50 हजार का एडवांस और पैसों का लेन-देन
क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार, हमले की साजिश रचने वालों ने शूटर दीपक शर्मा, सोनू कुमार, सनी कुमार और एक अन्य साथी के लिए 3 लाख रुपये की रकम तय की थी। इस सौदे के तहत वारदात से पहले ही खर्च के लिए 50 हजार रुपये नकद पहुंचा दिए गए थे। यह रकम शुभम लोनकर के कहने पर आरोपी विष्णु कुशवाहा ने आगरा से मुंबई रवाना होने से पहले शूटर दीपक को सौंपी थी। हालांकि, फायरिंग के बाद जब आरोपी फरार हुए, तब उन्हें आगे का कोई भुगतान नहीं मिल सका। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आगरा में बैठे शुभम लोनकर के पास यह पैसा कहां से आया था।
हरियाणा से बरामद हुआ अत्याधुनिक हथियार
पुलिस की जांच में एक और बड़ी कामयाबी मिली है। फायरिंग के बाद शूटर दीपक हथियार लेकर फरार हो गया था। क्राइम ब्रांच की टीम आरोपियों को हरियाणा के झज्जर इलाके की एक फैक्ट्री में ले गई, जहां वे छिपे हुए थे। वहीं से पुलिस ने वह हथियार बरामद कर लिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बरामद किया गया हथियार उच्च गुणवत्ता (High Quality) का है। हथियार को बैलिस्टिक जांच के लिए कलीना स्थित फोरेंसिक लैब भेज दिया गया है ताकि यह पुष्टि हो सके कि फायरिंग में इसी का इस्तेमाल हुआ था।
सिग्नल एप और साजिश की कड़ियां
वारदात को अंजाम देने के लिए बेहद शातिराना तरीका अपनाया गया था। जांच में पता चला है कि शुभम लोनकर सभी आरोपियों के साथ ‘सिग्नल’ (Signal) जैसे एन्क्रिप्टेड एप के जरिए संपर्क में था, ताकि सुरक्षा एजेंसियां उनकी बातचीत को ट्रैक न कर सकें। इसके अलावा, पुणे मॉड्यूल के पांच अन्य आरोपियों को भी 51 हजार रुपये दिए जाने की बात सामने आई है, जो 2023-24 से प्रवीण लोनकर के संपर्क में थे।
रेकी और गैंग का आकर्षण
सूत्रों ने बताया कि आरोपी सोनू पिछले दो साल से मुंबई के पास कल्याण में रह रहा था। जब शूटर दीपक मुंबई पहुंचा, तो वह सोनू के घर पर ही रुका। सोनू ने ही दीपक को रोहित शेट्टी का घर दिखाया और पूरे इलाके की रेकी करवाई। पुलिस का मानना है कि ये युवक सोशल मीडिया पर बिश्नोई गैंग के तथाकथित दबदबे को देखकर प्रभावित हुए थे और अपराध की दुनिया में अपनी पहचान बनाने व जल्दी पैसा कमाने के लालच में इस गैंग से जुड़े।
फिलहाल, मुंबई क्राइम ब्रांच इस पूरे नेटवर्क की आर्थिक सप्लाई चेन और हथियारों के स्रोत को समझने के लिए आगे की तफ्तीश कर रही है।
