RSS Defamation Case: महाराष्ट्र के भिवंडी स्थित अदालत में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज आरएसएस से जुड़े मानहानि मामले में पेश हुए। उनका काफिला भिवंडी कोर्ट पहुंचा, हालांकि अदालत कक्ष के भीतर केवल राहुल गांधी और उनके कुछ वकीलों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई।
इससे एक दिन पहले राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में एमपी-एमएलए कोर्ट में केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah से जुड़े एक अन्य मामले में पेश हुए थे। लगातार दो दिनों में अलग-अलग मामलों में अदालत में पेशी को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा बनी रही।
भिवंडी मामले में सुनवाई के बाद राहुल गांधी के वकील नारायण अय्यर ने बताया कि यह एक मानहानि का मुकदमा है, जो भिवंडी के एक आरएसएस कार्यकर्ता द्वारा दायर किया गया था। उन्होंने कहा कि इस मामले में राहुल गांधी के जमानतदार रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री Shivraj Patil का निधन हो गया है, जिसके कारण नए जमानतदार की आवश्यकता पड़ी है।
अय्यर के अनुसार, आज अदालत में नए जमानतदार के रूप में महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस मामले को आगे बढ़ाएंगे और अदालत के निर्देशानुसार अगली सुनवाई मार्च में होगी। बचाव पक्ष ने न्यायपालिका पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि उचित समय पर सबूत पेश किए जाएंगे।
अदालत जाते समय राहुल गांधी को विरोध का सामना भी करना पड़ा। मुंबई से ठाणे की ओर जाते हुए एक टोल नाके पर भाजपा युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाए। इस पर मुंबई युवा कांग्रेस और कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि क्या इन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भी वैसी ही कार्रवाई होगी जैसी हाल में एआई समिट विरोध के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ की गई थी।
यह मामला वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा है, जिसमें राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर महात्मा गांधी की हत्या से जुड़ा आरोप लगाया था। इसी बयान को लेकर संघ से जुड़े राजेश कुंटे ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। फिलहाल राहुल गांधी इस मामले में जमानत पर हैं और नए जमानतदार की औपचारिकता पूरी की जा रही है।
