Prateek Yadav Funeral: आज बैकुंठ धाम में होगा प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार, अखिलेश और अपर्णा की मुलाकात ने सबको किया भावुक

Prateek Yadav Funeral: बुधवार शाम जब अपर्णा यादव असम से लौटकर लखनऊ स्थित अपने आवास पहुंचीं, तो वहां का माहौल अत्यंत पीड़ादायक था। कुछ ही देर बाद प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर एंबुलेंस से घर लाया गया। इस दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी वहां पहुंचे।

Prateek Yadav Funeral: अपर्णा यादव के पति और मुलायम सिंह यादव के पुत्र प्रतीक यादव के निधन के बाद लखनऊ से लेकर सैफई तक गहरा शोक छा गया है। गुरुवार सुबह उनका अंतिम संस्कार लखनऊ के बैकुंठ धाम भैंसाकुंड में किया जाएगा। बुधवार देर रात तक कालिदास मार्ग स्थित आवास पर नेताओं, रिश्तेदारों और करीबी लोगों का आना-जाना लगा रहा। घर के भीतर गमगीन माहौल था और परिवार के सदस्य एक-दूसरे को संभालते नजर आए।

अपर्णा यादव जब असम से लौटकर सीधे लखनऊ पहुंचीं तो घर का माहौल बेहद भावुक हो गया। उनके पहुंचने के कुछ ही देर बाद प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर एंबुलेंस से आवास लाया गया। परिवार के सभी सदस्य इस कठिन समय में एक-दूसरे का सहारा बने रहे। इसी बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी घर पहुंचे और उन्होंने अपने भाई के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद अखिलेश यादव और अपर्णा यादव के बीच कुछ देर बंद कमरे में बातचीत हुई, हालांकि इस बातचीत की जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई।

प्रतीक यादव के अंतिम संस्कार की जानकारी अपर्णा यादव ने स्वयं सोशल मीडिया पर साझा की। उन्होंने भावुक संदेश में लिखा कि अत्यंत दुःख के साथ सूचित किया जाता है कि पद्म विभूषण और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के सुपुत्र एवं हम सभी के प्रिय प्रतीक यादव जी का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह 11 बजे बैकुंठ धाम भैंसाकुंड में किया जाएगा। उन्होंने लोगों से गरिमामयी उपस्थिति की अपील भी की। पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर शोक संदेशों की बाढ़ आ गई।

इससे पहले अखिलेश यादव पोस्टमार्टम हाउस भी पहुंचे थे। वहां मीडिया से बात करते हुए वह काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि प्रतीक अपने स्वास्थ्य को लेकर बेहद सजग रहते थे और फिटनेस को लेकर गंभीर थे। उन्होंने बताया कि प्रतीक बिजनेस में व्यस्त रहते थे और व्यापारिक नुकसान कभी-कभी मानसिक दबाव भी पैदा कर देता है। अखिलेश यादव ने कहा कि करीब दो महीने पहले उनकी प्रतीक से मुलाकात हुई थी, तब उन्होंने उन्हें कारोबार पर ध्यान देने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा, वह बहुत अच्छा लड़का था। इस दुख की घड़ी में पूरा परिवार एकजुट है।

पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी परिवार के कई सदस्य घर लौटने से पहले अपर्णा यादव के आने का इंतजार करते रहे। अपर्णा यादव असम से फ्लाइट के जरिए लखनऊ पहुंचीं और सीधे आवास पहुंचीं। उनके पहुंचने के कुछ मिनट बाद प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर भी घर लाया गया। घर के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल और सुरक्षाकर्मी तैनात रहे, जबकि अंदर परिवार और करीबी लोगों का लगातार आना जारी रहा।

प्रतीक यादव का शव घर पहुंचने के बाद सबसे पहले शिवपाल यादव वहां पहुंचे। कुछ ही देर में डिंपल यादव भी पहुंचीं। दोनों ने अपर्णा यादव और उनकी बेटियों को ढांढस बंधाया। घर के भीतर का माहौल बेहद भावुक था। कई बार परिवार के सदस्य खुद को संभालते नजर आए। अखिलेश यादव और डिंपल यादव काफी देर तक पार्थिव शरीर के पास बैठे रहे।

प्रतीक यादव के निधन के बाद राजनीतिक सीमाएं भी टूटती नजर आईं। समाजवादी पार्टी और भाजपा दोनों दलों के नेता परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह समेत कई नेता घर पहुंचे। सैफई से यादव परिवार के सदस्य लगातार लखनऊ पहुंचते रहे। शाम तक घर के बाहर नेताओं और समर्थकों की भीड़ बढ़ती चली गई।

शाम करीब चार बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे। उन्होंने परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। इससे पहले मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर भी दुख जताया था और कहा था कि प्रतीक यादव का आकस्मिक निधन अत्यंत दुःखद है तथा ईश्वर परिवार को इस पीड़ा को सहने की शक्ति दें।

मुख्यमंत्री के पहुंचने से ठीक पहले भाजपा सांसद साक्षी महाराज भी परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। इसी दौरान बाहर आए अखिलेश यादव ने उन्हें गले लगाया। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। हालांकि उस समय माहौल पूरी तरह शोक का था और सभी नेताओं ने परिवार के दुख को प्राथमिकता दी।

जानकारी के मुताबिक जिस समय प्रतीक यादव की तबीयत बिगड़ी, उस समय घर में उनकी दोनों बेटियां मौजूद थीं। घरेलू स्टाफ और सुरक्षाकर्मी भी वहीं तैनात थे। बताया जा रहा है कि सुबह करीब पांच बजे घरेलू कर्मचारी ने उन्हें कमरे में बेहोशी की हालत में देखा और तुरंत परिवार व अस्पताल को सूचना दी। डॉक्टर मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक शरीर में कोई प्रतिक्रिया नहीं थी। उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

परिवार के अनुसार पिछले कुछ दिनों से प्रतीक यादव घर पर ही रह रहे थे। मई के पहले सप्ताह में उनके बाएं पैर की सर्जरी हुई थी, जिसके बाद उन्हें चलने-फिरने में दिक्कत हो रही थी। जानकारी के मुताबिक उन्हें कुछ दिन पहले अस्पताल में भर्ती भी कराया गया था, जहां इलाज के बाद घर भेज दिया गया था।

डॉक्टरों के अनुसार प्रतीक यादव लंबे समय से पल्मोनरी एंबॉलिज्म जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। इस बीमारी में फेफड़ों की धमनियों में खून के थक्के जम जाते हैं, जिससे अचानक सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द और हार्ट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। फिलहाल पूरा परिवार अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटा है और लखनऊ में लगातार लोगों का पहुंचना जारी है।

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