नई दिल्ली/काठमांडू: नेपाल के संसदीय चुनावों में आए क्रांतिकारी परिणामों के बाद दक्षिण एशिया की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में 5 मार्च को हुए राष्ट्रीय चुनावों में प्रचंड बहुमत हासिल करने वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के शीर्ष नेताओं से टेलीफोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने पार्टी अध्यक्ष रबी लामिछाने और वरिष्ठ नेता बालेंद्र शाह को इस शानदार जीत पर व्यक्तिगत रूप से बधाई दी और नेपाल में बनने वाली नई सरकार के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
नेपाल को मिलेगा सबसे युवा प्रधानमंत्री
नेपाल की राजनीति में इस बार का चुनाव ‘युवा शक्ति’ के उदय का गवाह बना है। काठमांडू के मेयर रहे और पेशे से स्ट्रक्चरल इंजीनियर बालेंद्र शाह ने इतिहास रचते हुए अनुभवी राजनेता और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को उनके ही गढ़ झापा-5 सीट से करारी शिकस्त दी है। राजनीति में आने से पहले एक मशहूर ‘रैपर’ रहे बालेंद्र शाह अब नेपाल के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बनने की ओर अग्रसर हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, शाह ने ओली को लगभग चार गुना मतों के अंतर से हराया है, जहाँ शाह को 68,348 वोट मिले, वहीं ओली मात्र 18,734 वोटों पर सिमट गए।
Had warm telephone conversations with Mr. Rabi Lamichhane, Chairman of the Rastriya Swatantra Party (RSP) and Mr. Balendra Shah, Senior Leader of the RSP.
— Narendra Modi (@narendramodi) March 9, 2026
Congratulated both leaders on their electoral victories and RSP’s resounding success in the Nepal elections. Conveyed my…
आरएसपी का एकतरफा दबदबा
घोषित हुए 161 सीटों के परिणामों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने एकतरफा प्रदर्शन करते हुए 124 सीटों पर कब्जा जमाया है। इसने पारंपरिक रूप से मजबूत रही नेपाली कांग्रेस (17 सीटें) और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (8 सीटें) जैसी बड़ी पार्टियों को हाशिए पर धकेल दिया है। इस प्रचंड बहुमत ने नेपाल में एक स्थिर और नई विचारधारा वाली सरकार का मार्ग प्रशस्त किया है।
भारत-नेपाल संबंधों में नई ऊर्जा की उम्मीद
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि भारत, नेपाल के साथ मिलकर दोनों देशों की समृद्धि, प्रगति और जनता के कल्याण के लिए काम करने हेतु पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि नेपाल की नई सरकार और भारत के बीच साझा प्रयासों से आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय संबंध नई ऊंचाइयों को छुएंगे। पीएम मोदी ने रेखांकित किया कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच मजबूत साझेदारी न केवल द्विपक्षीय लाभ के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्रीय विकास और स्थिरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली नई सरकार भारत के साथ विकास और तकनीकी सहयोग के नए क्षेत्रों में हाथ मिला सकती है, जिससे हिमालयी क्षेत्र में बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को नई दिशा मिलेगी।
