दिल्ली में सोमवार को सीजेपी प्रोटेस्ट्स द्वारा आयोजित नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर निकाले गए संसद मार्च के दौरान पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे जाने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। जंतर-मंतर पर हुई इस कार्रवाई के विरोध में कई विपक्षी दलों के नेताओं ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया और केंद्र सरकार की आलोचना की।
इसी बीच आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर सोमवार रात से संसद परिसर में बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा के नीचे धरने पर बैठ गए। उन्होंने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “जलियांवाला बाग जैसी बर्बरता” बताया और कहा कि न्याय सुनिश्चित होने तक उनका शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने धरने के दौरान की तस्वीरें भी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा कीं, जिनमें वह रात के दौरान हुई बारिश के बीच धरने पर बैठे नजर आए।
चंद्रशेखर ने कहा, “जहां संविधान की शपथ ली, आज वहीं संविधान का सम्मान बचाने बैठा हूं। मासूमों पर हुए अत्याचार के विरुद्ध अपना कर्तव्य निभा रहा हूं। जय भीम, जय भारत।”
जहाँ संविधान की शपथ ली, आज वहीं संविधान का सम्मान बचाने बैठा हूँ।
— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) July 21, 2026
मासूमों पर हुए अत्याचार के विरुद्ध अपना कर्तव्य निभा रहा हूँ।
जय भीम, जय भारत।#संसद_मार्च #जंतर_मंत्र pic.twitter.com/J2ENfzZdNP
सांसद ने जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ हुए व्यवहार पर भी दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “ज़ुल्म जब भी हद से आगे बढ़ने लगता है, वहीं से बदलाव का सूरज निकलने लगता है। आज जंतर-मंतर पर बच्चों और बच्चियों के साथ जिस प्रकार का बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, उसने मन को गहराई तक झकझोर दिया।”
उन्होंने कहा कि उन्होंने जलियांवाला बाग का दौर नहीं देखा, लेकिन सोमवार को जंतर-मंतर से सामने आए दृश्य इतिहास के उस काले अध्याय की याद दिलाते हैं।
चंद्रशेखर ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इस अधिकार पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों पर आघात है। उन्होंने ऐलान किया कि जब तक न्याय सुनिश्चित नहीं होता और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक धरना जारी रहेगा।
