NEET पेपर लीक विवाद को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। इसी बीच सरकार ने संवाद और सुलह का रुख अपनाते हुए मंगलवार देर रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और पीएमओ में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह को गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल भेजा, जहां दोनों नेताओं ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से करीब एक घंटे तक बातचीत की।
मंत्रियों ने वांगचुक से 25 दिनों से जारी अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया और उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया। हालांकि वांगचुक ने स्पष्ट किया कि वे तभी अनशन तोड़ेंगे, जब सरकार आंदोलन में शामिल युवाओं के खिलाफ किसी भी तरह की कानूनी या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई न करने का ठोस आश्वासन देगी।
इसके अलावा वांगचुक ने पेपर लीक के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने, शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने, इस मुद्दे पर संसद में सार्थक चर्चा कराने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि “चलो संसद” मार्च पुलिस बल प्रयोग के बावजूद शांतिपूर्ण रहा। साथ ही उन्होंने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने उन्हें पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया है।
इस बीच छात्र आंदोलन का प्रमुख केंद्र बनी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सरकार के वार्ता प्रस्तावों पर सख्त रुख अपनाया है। पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने जेपी नड्डा के आवास पर दूसरी बार जाने से इनकार करते हुए कहा कि यदि सरकार वास्तव में बातचीत करना चाहती है तो उसे जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर आना चाहिए। उनका कहना था कि मंगलवार को उन्हें चार घंटे तक इंतजार कराया गया, इसलिए अब वे मंत्री आवास या कार्यालय नहीं जाएंगे।
संसद सत्र के दौरान विपक्ष ने भी सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। विपक्ष ने कहा कि किसी भी चर्चा से पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होना चाहिए। वहीं भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार एक उत्तरदायी और संवेदनशील सरकार है तथा विपक्ष से इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति न करने की अपील की।
जेपी नड्डा ने राहुल गांधी पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस शासित और सहयोगी दलों वाले राज्यों में हुए पेपर लीक मामलों पर वे चुप रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की जानकारी ली गई है और उनके पत्र का औपचारिक जवाब जल्द दिया जाएगा।
उधर, मेदांता अस्पताल की ओर से जारी स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार, सोनम वांगचुक पिछले 25 दिनों से अनशन पर हैं और उनका वजन 11 किलोग्राम कम हो चुका है। उन्हें आईसीयू में डॉक्टरों की बहु-विषयक टीम की निगरानी में रखा गया है।
