महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों के बाद से ठाणे जिले का मुंब्रा इलाका लगातार राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब AIMIM की एक पार्षद ने मुंब्रा सीट पर जीत हासिल करने के बाद कथित तौर पर पूरे इलाके को “हरे रंग में रंगने” की बात कही। हालांकि बाद में उन्होंने अपने बयान पर सफाई दी, लेकिन तब तक यह मुद्दा तूल पकड़ चुका था और लगातार बहस का विषय बना हुआ है।
इसी बीच छत्रपति शिवाजी महाराज की पुण्यतिथि पर आयोजित एक कार्यक्रम में जैन मुनि निलेशचंद्र ने इस तरह के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ऐसे बयान देने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि मुंब्रा की पहचान बदलने की कोशिश करने वालों को इतिहास याद रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि नितेश राणे को मंत्री नहीं बल्कि मुख्यमंत्री होना चाहिए, ताकि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई हो सके।
कार्यक्रम में मौजूद महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और बीजेपी विधायक नितेश राणे ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि मुंब्रा किसी के “अब्बा” का नहीं है, बल्कि यह हिंदू संस्कृति और आस्था से जुड़ा क्षेत्र है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अगर यह सभा मुंब्रा में होती तो संदेश और स्पष्ट रूप से जाता। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मुंब्रा भारत का हिस्सा है, किसी अन्य देश का नहीं।
नितेश राणे ने अपने भाषण में ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि शिवाजी महाराज की सेना में मुस्लिम भी शामिल थे और इस बात का राजनीतिक इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर इलाके में हिंदुओं को परेशान किया गया तो वे कड़ी कार्रवाई करेंगे।
जैन मुनि निलेशचंद्र ने भी अपने संबोधन में मुंब्रा के नाम के साथ “देवी” शब्द जोड़ने की बात कही और कहा कि यह स्थान आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यदि “मुंब्रा देवी” की शक्ति जागृत हुई तो कोई भी इस क्षेत्र की पहचान बदलने की हिम्मत नहीं करेगा। उन्होंने कुछ राजनीतिक नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि समाज में भड़काऊ बयानबाजी से माहौल खराब हो रहा है।
गौरतलब है कि ठाणे जिले का मुंब्रा ऐतिहासिक रूप से मुंब्रा देवी मंदिर के लिए प्रसिद्ध रहा है। यह इलाका मुंबई और ठाणे के बीच स्थित एक महत्वपूर्ण और घनी आबादी वाला क्षेत्र है। 1992-93 के दंगों के बाद यहां मुस्लिम आबादी में काफी वृद्धि हुई, जिससे यह क्षेत्र एक बड़े मुस्लिम बहुल शहरी क्लस्टर के रूप में जाना जाने लगा।
हाल ही में दिए गए “मुंब्रा को हरा बना देंगे” जैसे बयान ने इस क्षेत्र को एक बार फिर विवादों के केंद्र में ला दिया है। राजनीतिक बयानबाजी और धार्मिक संदर्भों के चलते माहौल संवेदनशील बना हुआ है, जिससे आने वाले समय में इस मुद्दे पर और सियासी हलचल देखने को मिल सकती है।
