Kusha Missile Test: भारत ने लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली स्वदेशी ‘कुश’ मिसाइल प्रणाली का पहला सफल उड़ान परीक्षण कर लिया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित इस मिसाइल का परीक्षण गुरुवार को ओडिशा तट स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया। इस सफलता के साथ भारत की वायु रक्षा क्षमता को एक नई मजबूती मिली है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि पर डीआरडीओ, सशस्त्र बलों तथा परियोजना से जुड़े वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ‘कुश’ मिसाइल प्रणाली लड़ाकू विमानों, विभिन्न प्रकार की मिसाइलों, मानवरहित हवाई वाहनों (यूएवी) और दुश्मन के बड़े विमानों सहित कई तरह के हवाई खतरों को लंबी दूरी और विभिन्न ऊंचाइयों पर मार गिराने में सक्षम है।
The @DRDO_India has successfully conducted the maiden flight test of Long-Range Surface-to-Air Missile Kusha today from the APJ Abdul Kalam Island off the coast of Odisha.
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) July 23, 2026
Kusha missile system is capable of neutralising wide variety of aerial threats including fighter jets,… pic.twitter.com/EceUgGM1HR
400 किलोमीटर तक मार करने की क्षमता
‘कुश’ एक अत्याधुनिक स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसे भारत की हवाई सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। यह प्रणाली अधिकतम 400 किलोमीटर की दूरी तक फाइटर जेट, क्रूज मिसाइल, ड्रोन, स्टील्थ एयरक्राफ्ट और बैलिस्टिक मिसाइलों जैसे हवाई खतरों को निशाना बनाने की क्षमता रखती है।
S-400 पर निर्भरता होगी कम
रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में भारत लंबी दूरी की वायु रक्षा के लिए रूस से प्राप्त S-400 प्रणाली पर निर्भर है। ‘कुश’ के शामिल होने से विदेशी रक्षा प्रणालियों पर निर्भरता कम होगी और देश को स्वदेशी तकनीक के साथ आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।
प्रमुख सैन्य और रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा
इस मिसाइल प्रणाली का उद्देश्य देश के प्रमुख शहरों, परमाणु संयंत्रों, सैन्य ठिकानों और अन्य रणनीतिक परिसंपत्तियों के लिए मजबूत हवाई सुरक्षा कवच तैयार करना है। यह प्रणाली दूर से आने वाले हवाई खतरों का समय रहते पता लगाकर उन्हें लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही नष्ट करने में सक्षम होगी।
हाई-वैल्यू टारगेट को बना सकती है निशाना
‘कुश’ प्रणाली युद्ध की स्थिति में दुश्मन के AWACS विमान, हवा में ईंधन भरने वाले टैंकर विमान और स्टील्थ फाइटर जेट जैसे महत्वपूर्ण हवाई लक्ष्यों को भी लंबी दूरी से निशाना बना सकती है।
Maiden flight-test of ‘Kusha’ Long-Range Surface-to-Air Missile was successfully conducted from the APJ Abdul Kalam Island off the coast of Odisha today. This test was conducted against an electronic target simulating high-speed and high-altitude aerial threat which was… pic.twitter.com/UeJgNOtCm5
— DRDO (@DRDO_India) July 23, 2026
रक्षा अनुसंधान के लिए अहम उपलब्धि
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली विकसित करने की क्षमता दुनिया के चुनिंदा देशों के पास ही है। ‘कुश’ का सफल परीक्षण भारतीय रक्षा अनुसंधान और स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
परीक्षण के दौरान डीआरडीओ के वैज्ञानिकों ने मिसाइल प्रणाली के सभी प्रमुख मानकों का सफलतापूर्वक मूल्यांकन किया। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, प्रणाली का प्रदर्शन निर्धारित मानकों के अनुरूप रहा।
वायु रक्षा को मिलेगी नई मजबूती
‘कुश’ के शामिल होने से भारत की तीन-स्तरीय वायु रक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी। छोटी दूरी के लिए आकाश, मध्यम दूरी के लिए MRSAM और लंबी दूरी के लिए कुश मिलकर देश के हवाई क्षेत्र की सुरक्षा को और प्रभावी बनाएंगे। इसके साथ ही यह प्रणाली भारतीय वायु सेना के IACCS (इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम) से जुड़कर रडार से लेकर मिसाइल प्रक्षेपण तक की प्रक्रिया को तेज और अधिक समन्वित बनाएगी।
