न्यूयॉर्क: न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी मोहन भागवत के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर दिए गए बयान के बाद चर्चा में हैं। ममदानी ने 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले कार्यक्रम का समर्थन नहीं करने की बात कही है। इसी के साथ 14 अगस्त को पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस से जुड़े एक कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
ममदानी ने मंगलवार को कहा कि वह उस कार्यक्रम के समर्थन में नहीं हैं, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम निजी होने के कारण उसे रद्द करने का अधिकार नगर प्रशासन के पास है या नहीं, यह उन्हें मालूम नहीं है।
ममदानी के रुख पर सवाल उठाते हुए थिंक टैंक CFPS की पूर्व सदस्य आमना बेगम अंसारी ने कहा कि एक तरफ भागवत के कार्यक्रम का विरोध और दूसरी तरफ कुछ दिन पहले पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होना अलग-अलग मानदंडों को लेकर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने अलामा इकबाल कम्युनिटी सेंटर में हुए कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि अगर धार्मिक राष्ट्रवाद को लेकर आपत्ति है, तो इस सिद्धांत को हर जगह समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।
ममदानी की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर सोशल मीडिया पर भी सवाल उठाए गए हैं। एक्स यूजर संदीप नोएल ने दावा किया कि ममदानी टाइम्स स्क्वायर में खालिस्तान समर्थक भीड़ के बीच शामिल हुए थे और उस दौरान हिंदुओं तथा भगवान श्री राम के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कही गई थीं।
अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने भी ममदानी और अन्य समाजवादी नेताओं पर भागवत के कार्यक्रम का विरोध करने को लेकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी का विरोध मुख्य वजह है। मिलबेन ने यह भी कहा कि मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाला कार्यक्रम समाजवादी नेताओं के विरोध के बावजूद आयोजित किया जाएगा।
हालांकि, ममदानी ने अपने बयान में कार्यक्रम को रोकने की कोई बात नहीं कही। उन्होंने केवल इतना कहा कि वह इसका समर्थन नहीं करते और निजी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार नगर प्रशासन के पास है या नहीं, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक और वैचारिक बहस अब और तेज हो गई है।
