एलपीजी संकट पर केंद्र सरकार की बड़ी बैठक: गृह मंत्रालय ने राज्यों को दिए सुरक्षा और निगरानी के सख्त निर्देश

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत में एलपीजी की सप्लाई को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। इसी स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने तैयारियों की समीक्षा तेज कर दी है। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ अहम बैठक की।

LPG Crisis
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LPG Crisis: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहराते ऊर्जा संकट के बीच भारत में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है। गुरुवार को केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और डीजीपी के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। करीब दो घंटे तक चली इस समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य देश में एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना और आम जनता के बीच फैल रही चिंताओं को दूर करना था। बैठक में पेट्रोलियम, सूचना एवं प्रसारण और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए, जिन्होंने मौजूदा स्टॉक और वितरण व्यवस्था का विस्तृत आकलन किया।

सरकार ने 8 मार्च को जारी किए गए एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर के तहत राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे गैस बॉटलिंग प्लांट, डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और परिवहन वाहनों की सुरक्षा तत्काल प्रभाव से कड़ी कर दें। राज्यों से कहा गया है कि वे स्थानीय स्तर पर गैस की आपूर्ति की रोजाना निगरानी करें और किसी भी तरह की कालाबाजारी या अवैध भंडारण की कोशिशों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करें। इसके साथ ही, सप्लाई चेन से जुड़े कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है ताकि वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की मानवीय बाधा उत्पन्न न हो सके।

जनता के बीच पैस रही घबराहट और सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं को रोकने के लिए गृह मंत्रालय ने विशेष रणनीति तैयार की है। राज्यों और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे व्यापक जागरूकता अभियान चलाएं और लोगों को भरोसा दिलाएं कि घरेलू एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैलने वाली फर्जी खबरों और पुराने वीडियो पर कड़ी नजर रखने और उन्हें तुरंत हटाने के लिए भी कहा गया है। इसके लिए गृह मंत्रालय के 24×7 कंट्रोल रूम को और अधिक मजबूत किया गया है, जहां विभिन्न मंत्रालयों के नोडल अधिकारी रियल-टाइम में सूचनाओं की जांच और समन्वय करेंगे।

बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि देश की रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने और इसे प्राथमिकता के आधार पर सप्लाई करने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि पश्चिम एशिया के युद्ध का असर भारतीय रसोइयों तक न पहुंचे। प्रशासन अब पूरी तरह मुस्तैद है और अधिकारियों को साफ कर दिया गया है कि निर्धारित 25 दिनों के अंतराल पर घरेलू गैस की बुकिंग और डिलीवरी की प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के सुचारू रूप से जारी रहनी चाहिए।

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