नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में प्याज की कीमतों में तेजी के बीच केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए अपने बफर स्टॉक का प्याज बाजार में उतार दिया है। महाराष्ट्र के नासिक से प्याज लेकर चली ‘कांदा एक्सप्रेस’ शुक्रवार को दिल्ली के आदर्श नगर रेलवे स्टेशन पहुंची। इसके साथ ही दिल्ली में रियायती दर पर प्याज की बिक्री का दायरा बढ़ाया जा रहा है। सरकारी व्यवस्था के तहत लोगों को प्याज 35 रुपये प्रति किलो की कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है।
फिलहाल दिल्ली के कई बाजारों में प्याज 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। ऐसे में सरकारी बिक्री के जरिए बाजार भाव की तुलना में काफी कम कीमत पर प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए NAFED, NCCF और केंद्रीय भंडार के आउटलेट तथा मोबाइल वैन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव निधि खरे ने 27 अगस्त को कृषि भवन से NCCF और NAFED की मोबाइल वैन को रवाना कर इस अभियान की शुरुआत की थी। पहले दिन करीब 400 किलो प्याज बेचा गया। सरकार का उद्देश्य उन इलाकों तक रियायती प्याज पहुंचाना है, जहां खुदरा कीमतों में तेजी देखी जा रही है।
नासिक के लासलगांव से दिल्ली के लिए भेजी गई ‘कांदा एक्सप्रेस’ में करीब 450 मीट्रिक टन प्याज लदा था। शुरुआती योजना में इससे अधिक मात्रा भेजने की तैयारी थी, लेकिन वास्तविक लोडिंग के दौरान मात्रा में बदलाव हुआ। ट्रेन भी तय समय से करीब 26 घंटे की देरी से दिल्ली के लिए रवाना हुई।
दिल्ली में सरकारी प्याज की बिक्री का नेटवर्क भी बढ़ाया जा रहा है। शुरुआत में दिल्ली-एनसीआर के 13 स्थानों पर मोबाइल वैन लगाई गई थीं, लेकिन अब इसे 40 से अधिक स्थानों तक विस्तार दिया जा रहा है। सीजीओ कॉम्प्लेक्स, कृषि भवन, सीआर पार्क, पुष्पा भवन, आईएनए मार्केट, लाजपत नगर, जंगपुरा, विश्वविद्यालय मेट्रो, नरेला, रोहिणी, शालीमार बाग, कीर्ति नगर, बवाना, दिल्ली कैंट, अलीपुर और भजनपुरा समेत कई इलाकों में सरकारी प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है।
हालांकि, मोबाइल वैन की जगह और वहां उपलब्ध प्याज की मात्रा रोजाना बदल सकती है। इसलिए उपभोक्ताओं के लिए यह बेहतर होगा कि वे घर से निकलने से पहले उस दिन की बिक्री लोकेशन की जानकारी NCCF या NAFED के माध्यम से हासिल कर लें।
सरकारी बिक्री व्यवस्था में NCCF की करीब 40 मोबाइल वैन और NAFED की लगभग 50 मोबाइल वैन शामिल हैं। इसके अलावा NCCF के 9 आउटलेट, NAFED के 13 आउटलेट और करीब 100 केंद्रीय भंडार आउटलेट के जरिए भी प्याज बेचने की व्यवस्था की गई है। SAFAL के माध्यम से भी उपभोक्ताओं को रियायती प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है।
केंद्र सरकार का यह अभियान केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। बफर स्टॉक से प्याज रेल और सड़क मार्ग के जरिए देश के कई बड़े उपभोक्ता बाजारों में भेजा जा रहा है। चेन्नई, कोलकाता, एर्नाकुलम, गुवाहाटी, वाराणसी, लखनऊ, पटना, चंडीगढ़, जम्मू और अमृतसर जैसे शहरों में भी प्याज की आपूर्ति की जा रही है।
सरकार के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में ‘कांदा एक्सप्रेस’ के जरिए प्याज की ढुलाई का नेटवर्क लगातार बढ़ा है। वित्त वर्ष 2025-26 में रेलवे के 86 रेक के जरिए लगभग 88,000 मीट्रिक टन प्याज 16 शहरों तक पहुंचाया गया था। इस व्यवस्था का मकसद उत्पादन वाले क्षेत्रों से प्याज को तेजी से उन शहरों तक पहुंचाना है, जहां इसकी मांग अधिक रहती है।
प्याज की कीमतों में अगस्त के दौरान आई तेजी के बाद केंद्र ने यह कदम उठाया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 26 अगस्त 2026 को देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत करीब 37.87 रुपये प्रति किलो थी। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर के कई बाजारों में खुदरा कीमत इससे काफी ऊपर पहुंच गई थी।
केंद्र का कहना है कि देश में प्याज की उपलब्धता फिलहाल पर्याप्त है। वर्ष 2025-26 के लिए प्याज का अनुमानित उत्पादन करीब 307.37 लाख टन बताया गया है। ऐसे में सरकार ने तत्काल निर्यात पर नए प्रतिबंध लगाने के बजाय बफर स्टॉक से प्याज जारी करने और परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने का विकल्प चुना है।
आने वाले दिनों में दिल्ली के लिए प्याज की और खेप भेजे जाने की संभावना है। सरकार रेल और सड़क दोनों माध्यमों से आपूर्ति बढ़ाने की तैयारी में है, ताकि त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने पर प्याज की कीमतों में अचानक बड़ा उछाल न आए।
फिलहाल दिल्ली में जहां कई बाजारों में प्याज 60 से 70 रुपये किलो तक बिक रहा है, वहीं सरकारी बिक्री केंद्रों और मोबाइल वैन के जरिए यही प्याज 35 रुपये प्रति किलो की रियायती दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का जोर अब इस व्यवस्था को ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं तक पहुंचाने पर है।
