नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मची खींचतान अब सार्वजनिक रूप से एक बड़ी जंग में तब्दील हो गई है। पार्टी द्वारा राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद सांसद राघव चड्ढा ने एक नया वीडियो जारी कर अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चड्ढा ने इसे अपने खिलाफ चलाया जा रहा एक ‘सोचा-समझा और स्क्रिप्टेड’ अभियान करार दिया है। वीडियो के थंबनेल पर “घायल हूं इसलिए घातक हूं” लिखकर उन्होंने साफ संदेश दिया है कि वे झुकने वाले नहीं हैं।
राघव चड्ढा ने पार्टी द्वारा लगाए गए तीन मुख्य आरोपों का एक-एक कर जवाब दिया। पहले आरोप, कि उन्होंने विपक्ष के ‘वॉकआउट’ में साथ नहीं दिया, पर पलटवार करते हुए चड्ढा ने कहा कि यह सरासर झूठ है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि संसद में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, पार्टी फुटेज निकालकर दिखाए कि उन्होंने कब विपक्ष का साथ नहीं दिया।
साइन न करने के आरोपों पर दी सफाई
चुनाव आयुक्त (CEC) को हटाने की याचिका पर हस्ताक्षर न करने के दूसरे आरोप पर चड्ढा ने बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के किसी भी नेता ने उनसे औपचारिक या अनौपचारिक रूप से इस प्रस्ताव पर साइन करने को नहीं कहा था। चड्ढा ने यह भी खुलासा किया कि आम आदमी पार्टी के 10 में से 6-7 सांसदों ने खुद इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए थे, तो फिर निशाना केवल उन्हें ही क्यों बनाया जा रहा है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि विपक्ष के पास 105 सांसद हैं, जबकि प्रस्ताव के लिए केवल 50 हस्ताक्षरों की जरूरत थी।
मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता।
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) April 4, 2026
Three Allegations. Zero Truth.
My Response: pic.twitter.com/tPdjp04TLt
“मैं संसद में शोर मचाने नहीं, मुद्दे उठाने गया था”
पार्टी के इस आरोप पर कि वे डर गए हैं और जरूरी मुद्दे नहीं उठा रहे, राघव चड्ढा ने कहा कि वह संसद में चीखने-चिल्लाने या माइक तोड़ने नहीं, बल्कि जनता की आवाज बनने गए थे। उन्होंने गिनाया कि उन्होंने जीएसटी, इनकम टैक्स, बेरोजगारी, महंगाई, पंजाब के पानी और दिल्ली की हवा जैसे गंभीर मुद्दे उठाए हैं। चड्ढा ने कहा, “मैं संसद में प्रभाव (इम्पैक्ट) पैदा करने गया था, हंगामा (रकस) करने नहीं।”
पार्टी ने की बड़ी कार्रवाई
बता दें कि यह विवाद तब बढ़ा जब गुरुवार को आम आदमी पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटा दिया और उनकी जगह डॉ. अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंप दी। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर यह तक अनुरोध किया कि राघव चड्ढा को अब सदन में बोलने का समय न दिया जाए। शुक्रवार को भी चड्ढा ने एक वीडियो संदेश में कहा था कि उन्हें खामोश जरूर किया गया है, लेकिन वे हारे नहीं हैं। अब इस ताजा वीडियो के बाद आम आदमी पार्टी के भीतर का संकट और गहराता नजर आ रहा है।
