पूर्वोत्तर भारत में शिक्षा के विकास पर प्रदर्शनी: भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार 8 अगस्त को करेगा आयोजन

भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार, संस्कृति मंत्रालय के अधीन एक अधीनस्थ कार्यालय है। इसकी स्थापना 11 मार्च 1891 को कोलकाता (कलकत्ता) में इम्पीरियल अभिलेख विभाग के रूप में हुई थी।

Exhibition on Education Development in Northeast India to be Held on August 8
Exhibition on Education Development in Northeast India to be Held on August 8

भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार, 8 अगस्त 2025 को उच्च शिक्षा विभाग, नागालैंड के सहयोग से ‘पूर्वोत्तर भारत में शिक्षा का विकास’ विषय पर एक प्रदर्शनी का आयोजन कर रहा है। नागालैंड के राज्यपाल श्री ला. गणेशन ने 8 अगस्त 2025 को कैपिटल कन्वेंशन सेंटर, कोहिमा, नागालैंड में श्री तेम्जेन इम्ना अलोंग, उच्च शिक्षा एवं पर्यटन मंत्री, नागालैंड और श्री समर नंदा, संयुक्त सचिव, संस्कृति मंत्रालय और अभिलेखागार महानिदेशक की उपस्थिति में इस प्रदर्शनी का उद्घाटन करने की सहमति दी है।

यह प्रदर्शनी व्यापक अन्वेषण प्रस्तुत करती है, जो इसकी जनजातीय परंपराओं, भाषाई विविधता, मिशनरी प्रभावों, औपनिवेशिक विरासतों और स्वतंत्रता के बाद के विकास से प्रभावित है। पूर्वोत्तर भारत का शैक्षिक विकास स्वदेशी ज्ञान प्रणालियों और औपचारिक संस्थानों के गतिशील मिश्रण को दर्शाता है, जिसकी जड़ें मौखिक आदिवासी शिक्षा से लेकर आधुनिक विश्वविद्यालयों तक फैली हैं। यह प्रदर्शनी क्षेत्र के शैक्षणिक परिदृश्य की विशेषता बताती है, जिसमें प्रमुख संस्थानों की स्थापना और समावेशिता एवं क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण नीतिगत पहल शामिल हैं।

लोगों के ज्ञान को विकसित करने के लिए, प्रदर्शनी मूल अभिलेखीय दस्तावेजों का उपयोग करते हुए, इस विरासत को विषयगत समूहों के माध्यम से वर्गीकृत करती है। इनमें सरकारी फाइलें, प्रसिद्ध हस्तियों के निजी कागजात, तस्वीरें, दुर्लभ पांडुलिपियां और राष्ट्रीय अभिलेखागार तथा नागालैंड राज्य अभिलेखागार में संरक्षित आधिकारिक अभिलेख शामिल हैं।

भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार, संस्कृति मंत्रालय के अधीन एक अधीनस्थ कार्यालय है। इसकी स्थापना 11 मार्च 1891 को कोलकाता (कलकत्ता) में इम्पीरियल अभिलेख विभाग के रूप में हुई थी। वर्ष 1911 में राजधानी के कोलकाता से दिल्ली स्थानांतरण के बाद, भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार का वर्तमान भवन वर्ष 1926 में निर्मित हुआ, जिसकी डिज़ाइन सर एडविन लुटियंस ने तैयार की थी। कलकत्ता से नई दिल्ली में सभी अभिलेखों का स्थानांतरण वर्ष 1937 में पूरा हुआ। भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार, लोक अभिलेख अधिनियम, 1993 और लोक अभिलेख नियम, 1997 के कार्यान्वयन हेतु नोडल एजेंसी भी है।

भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार के भंडारों में वर्तमान में 34 करोड़ से अधिक सार्वजनिक अभिलेखों का पृष्ठ संग्रह है, जिसमें फाइलें, खंड, मानचित्र, भारत के राष्ट्रपति द्वारा स्वीकृत विधेयक, संधियां, दुर्लभ पांडुलिपियां, प्राच्य अभिलेख, निजी कागजात, मानचित्र संबंधी अभिलेख, राजपत्रों और गजेटियरों का महत्वपूर्ण संग्रह, जनगणना अभिलेख, विधानसभा और संसद की बहसें, निषिद्ध साहित्य, यात्रा वृत्तांत आदि शामिल हैं। प्राच्य अभिलेखों का एक बड़ा हिस्सा संस्कृत, फारसी, उड़िया आदि में है।

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