रांची: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जारी छात्र आंदोलन पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि देश का शिक्षा तंत्र गंभीर संकट से गुजर रहा है और छात्रों की आवाज हर सरकार को सुननी चाहिए। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी आंदोलन का समर्थन करते हुए छात्रों के साथ खड़े होने की बात कह चुके हैं।
कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल पर साझा किए गए एक वीडियो में राहुल गांधी ने कहा कि देशभर में हो रहे छात्र आंदोलन शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि वह पहले भी देहरादून और इलाहाबाद में इस मुद्दे को उठा चुके हैं और आगे भी इसे उठाएंगे। राहुल गांधी ने कहा, “हमारा एजुकेशन सिस्टम ढह गया है। यह बहुत महंगा है और दबाने वाला है। हर सरकार को छात्रों की बात सुननी चाहिए। इस सिस्टम को बदलने के लिए कदम उठाने चाहिए, चाहे सरकार कांग्रेस की हो, राष्ट्रीय स्तर की हो या फिर झारखंड की।”
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी मीडिया से बातचीत में कहा था कि कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि झारखंड, पंजाब, दिल्ली या किसी भी राज्य में छात्रों के सामने आने वाली समस्याओं को लेकर पार्टी लगातार आवाज उठाती रहेगी। खरगे ने कहा कि राहुल गांधी भी छात्रों के मुद्दों को लगातार उठा रहे हैं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
झारखंड में सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थी 25 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना और प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन की शुरुआत 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के आरोपों के साथ हुई थी, लेकिन बाद में इसका दायरा JSSC समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं तक भी फैल गया।
आंदोलनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, परीक्षा संचालन और चयन प्रक्रिया को लेकर लगातार विवाद सामने आते रहे हैं, लेकिन दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इसी को लेकर छात्र 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने, पूरे मामले की CBI या राज्य से बाहर के सेवानिवृत्त हाईकोर्ट के न्यायाधीशों की समिति से जांच कराने, JPSC और JSSC में संस्थागत सुधार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
इस बीच झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि JPSC परीक्षा में सफल कराने के लिए कथित तौर पर रिश्वत का एक तय “रेट चार्ट” चल रहा है, जिसमें प्रारंभिक परीक्षा के लिए 5 लाख रुपये, मुख्य परीक्षा के लिए 25 लाख रुपये और इंटरव्यू के लिए 10 लाख रुपये तक लिए जाते हैं। हालांकि सरकार ने इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी होने की बात कही है। इसी दौरान जांच एजेंसियों ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है, पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते से पूछताछ की गई है और विवाद के बीच मुख्य परीक्षा को भी स्थगित कर दिया गया है।
