राहुल गांधी पर आय से अधिक संपत्ति मामले में CBI का एक्शन, भाजपा नेता विग्नेश शिशिर सोमवार को तलब

Rahul Gandhi Disproportionate Assets Case: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाने वाले भाजपा नेता विग्नेश शिशिर को सीबीआई ने सोमवार को पूछताछ के लिए तलब किया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के निर्देश के बाद सीबीआई और ईडी इस मामले की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही हैं।

राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत पर CBI की कार्रवाई, विग्नेश शिशिर से होगी पूछताछ
राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत पर CBI की कार्रवाई, विग्नेश शिशिर से होगी पूछताछ

नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाने वाले भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता विग्नेश शिशिर को पूछताछ और पक्ष रखने के लिए सोमवार को तलब किया है।

इस संबंध में पूछे जाने पर विग्नेश शिशिर ने पुष्टि की कि उन्हें सीबीआई कार्यालय बुलाया गया है। हालांकि, मामला अदालत के समक्ष विचाराधीन होने के कारण उन्होंने विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया।

हाई कोर्ट में हुई थी बंद कमरे में सुनवाई

इससे पूर्व, इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने 12 मई को इस संवेदनशील मामले में इन-कैमरा (बंद कमरे में) करीब दो घंटे तक सुनवाई की थी। इसके बाद 14 मई को जारी आदेश के अनुसार, न्यायमूर्ति आरएस चौहान और न्यायमूर्ति बीआर सिंह की पीठ को सीबीआई ने अवगत कराया था कि उसे याचिकाकर्ता की आधिकारिक शिकायत प्राप्त हो गई है और एजेंसी आठ सप्ताह के भीतर अदालत में अपना जवाब प्रस्तुत करेगी।

याचिकाकर्ता के आरोप और मांग

विग्नेश शिशिर द्वारा दायर आपराधिक रिट याचिका में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने अपनी घोषित आय से अधिक संपत्ति एकत्र की है। याचिका में इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच केंद्रीय जांच एजेंसियों—सीबीआई (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED)—से कराने की मांग की गई है।

हाई कोर्ट की पीठ ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि यदि याचिकाकर्ता की शिकायत दर्ज हो चुकी है, तो उस पर कानून के तय प्रावधानों के तहत सत्यापन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। इसके साथ ही अदालत ने सीबीआई, ईडी, केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT), राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) को भी याचिका में लगाए गए आरोपों पर आठ सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2026 Breaking News Wale - Latest Hindi News by Breaking News Wale