नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय का प्रतिष्ठित रामजस कॉलेज सोमवार को उस समय छावनी में तब्दील हो गया, जब कॉलेज प्रशासन को एक खौफनाक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। इस ईमेल में दावा किया गया कि कॉलेज परिसर के भीतर 13 बम लगाए गए हैं, जो दोपहर तक फट सकते हैं। इस सूचना के बाद न केवल कॉलेज प्रबंधन बल्कि दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में भी हड़कंप मच गया।
यह मामला तब और गंभीर हो गया जब ईमेल की सामग्री सामने आई। कॉलेज के प्रिंसिपल को भेजे गए इस मेल में बेहद आपत्तिजनक और सांप्रदायिक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। हमलावर ने लिखा कि परिसर से केवल मुस्लिम छात्रों को ही बाहर निकाला जाए। इतना ही नहीं, ईमेल के साथ संलग्न दस्तावेजों में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के परिवार को लेकर भी अत्यंत हिंसक और क्रूर धमकियां दी गई थीं, जिसमें हत्या और सार्वजनिक दहशत फैलाने जैसी बातें शामिल थीं।
ईमेल में “Order of 9 Angles (O9A)” नामक संगठन का उल्लेख करते हुए चेतावनी दी गई कि “हैरान होने के लिए तैयार रहें।” पत्र में स्पष्ट किया गया कि यदि समय सीमा के भीतर उनकी मांगें या कार्रवाई नहीं हुई, तो कॉलेज एक बड़े हमले का गवाह बनेगा। धमकी मिलते ही कॉलेज प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने पूरे परिसर के कोने-कोने की तलाशी ली। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ईमेल के आईपी एड्रेस और उसके स्रोत का पता लगाने में जुटी है ताकि भेजने वाले की पहचान की जा सके। फिलहाल पुलिस को कैंपस में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था को कई गुना बढ़ा दिया गया है।
इस घटना के बाद रामजस कॉलेज के छात्रों और स्टाफ के बीच डर का माहौल है। कॉलेज प्रशासन ने सभी से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाह से बचने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस बात की जांच कर रहे हैं कि यह किसी की शरारत है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश। फिलहाल, छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
