Delhi Jantar Mantar Violence: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुए पथराव के मामले में दिल्ली पुलिस ने दो और एफआईआर दर्ज की हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन बुधवार को हिंसक हो गया था, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
हिंसा के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़कर हालात पर काबू पाने की कोशिश की।
पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर और संसद मार्ग पर पुलिसकर्मियों पर दो बार अचानक पथराव किया गया। इस घटना में दो एसीपी सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए।
जानकारी के मुताबिक, भीड़ ने चारों पुलिसकर्मियों को चारों ओर से घेर लिया, उन्हें जमीन पर गिराकर मारपीट की और इसके बाद उन पर पत्थर फेंके गए।
हालात बिगड़ने पर पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान भीड़ लगातार हिंसक होती चली गई।
पुलिस के अनुसार, पिछले तीन दिनों से प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं। आरोप है कि भीड़ में शामिल लोग प्रदर्शन के दौरान हंगामा करने के बाद वहां से निकल जाते हैं। पुलिस को संदेह है कि यह भीड़ सीलमपुर, दिल्ली-6, जाफराबाद, निजामुद्दीन, जामिया और शाहीन बाग सहित कुछ मुस्लिम बहुल इलाकों से आ रही है। पुलिस का कहना है कि देर रात तक रुक-रुककर पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, पथराव की घटनाओं को लेकर कनॉट प्लेस थाने में अब तक कुल 12 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। पुलिस ने बताया कि इन सभी मामलों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी जा सकती है।
