Delhi Building Collapse: सत्य निकेतन हादसे की FIR में बड़ा खुलासा, किराए के लालच में पुरानी इमारत पर बनवा दीं 4 मंजिलें; 7 की मौत

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे की जांच में निर्माण को लेकर गंभीर लापरवाही के आरोप सामने आए हैं। पुलिस की FIR के मुताबिक, पुरानी इमारत की संरचनात्मक क्षमता पर्याप्त नहीं होने के बावजूद किराए से अधिक कमाई के लिए उसके ऊपर कथित तौर पर चार अतिरिक्त मंजिलें बनवाई गई थीं।

सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में FIR दर्ज
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में FIR दर्ज

दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे की जांच में इमारत के निर्माण को लेकर गंभीर सवाल सामने आए हैं। पुलिस की FIR में आरोप लगाया गया है कि पुरानी इमारत पर किराए से अधिक कमाई के मकसद से अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण कराया गया। पुलिस के मुताबिक, बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल उर्फ गुप्ता और उनके भाई ने कथित तौर पर कई साल पुरानी इमारत के ऊपर चार मंजिलें बनवा दी थीं।

जांच एजेंसी का आरोप है कि भवन मालिकों को यह जानकारी थी कि पुरानी इमारत की नींव अतिरिक्त भार उठाने के लिहाज से पर्याप्त मजबूत नहीं थी। इसके बावजूद ऊपरी हिस्से में निर्माण कराया गया। FIR में कहा गया है कि नए निर्माण के बाद भवन पर उसकी मूल क्षमता से कहीं ज्यादा भार पड़ गया था, जिससे उसकी संरचनात्मक मजबूती प्रभावित हुई।

पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद रविवार से सोमवार शाम तक मलबे से कुल 12 लोगों को बाहर निकाला गया। इनमें सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पांच घायल हैं। राहत और बचाव अभियान के दौरान पहले दिन पांच शव और पांच घायलों को बाहर निकाला गया था। इसके बाद सोमवार को मलबे से दो और शव बरामद किए गए।

पांच छात्रों समेत सात लोगों की मौत

हादसे में जान गंवाने वालों में पांच छात्र भी शामिल हैं। मृतकों की पहचान अभिषेक (20), युवराज सोनी (20), पवन (17), अर्पित जाजज (19) और अक्षत सिंह यादव (18) के रूप में हुई है। इनके अलावा 75 वर्षीय मजदूर सुरिंदर सिंह की भी मौत हुई है। सातवें मृतक की पहचान अभी नहीं हो पाई है।

घायलों में असगर अली (30), नीरज बावन (19), आदित्य कुमार (19), नितिश चिब (19) और मोहम्मद अयान (18) शामिल हैं। इनका इलाज AIIMS ट्रॉमा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल में चल रहा है। पुलिस के मुताबिक, घायलों में तीन की स्थिति गंभीर बनी हुई है।

PG में रह रहे थे छात्र

पुलिस की स्थानीय जांच के अनुसार, हादसे वाली इमारत में HostelDaze नाम से PG और हॉस्टल संचालित किया जा रहा था। इमारत में ग्राउंड फ्लोर के अलावा चार ऊपरी मंजिलें थीं, जहां बड़ी संख्या में छात्र और दूसरे लोग रह रहे थे। इमारत अचानक ढहने के बाद कई लोग उसके मलबे में फंस गए।

FIR में पुलिस ने आरोप लगाया है कि मालिक को अतिरिक्त निर्माण से पैदा होने वाले खतरे की जानकारी थी। इसके बावजूद ऊपरी मंजिलों का निर्माण कराया गया। जांच में अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अतिरिक्त निर्माण किस प्रक्रिया के तहत कराया गया और इसकी अनुमति किस स्तर पर मिली थी।

मालिक, पत्नी और बेटे की गिरफ्तारी

इस मामले में FIR नंबर 153/2026 रविवार रात दक्षिण कैंपस थाने में ASI प्रफुल टोप्पो की शिकायत पर दर्ज की गई। पुलिस ने BNS की धारा 105, 290 और 125(a) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी और बेटे को गिरफ्तार किया है। हरिराम गुप्ता भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त सार्जेंट बताए गए हैं।

हालांकि FIR में आरोपी या संदिग्धों के कॉलम में किसी व्यक्ति का नाम दर्ज नहीं किया गया है। दस्तावेज में इमारत के मालिक के तौर पर हरिराम गुप्ता और उनके भाई का उल्लेख है, लेकिन भाई का नाम नहीं बताया गया है।

मामले की जांच दक्षिण कैंपस थाने के इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार के नेतृत्व में की जा रही है। अब जांच का अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि पुरानी इमारत की संरचनात्मक क्षमता का आकलन किए बिना अतिरिक्त चार मंजिलों का निर्माण कैसे हुआ और इस निर्माण के लिए अनुमति किसने दी। पुलिस निर्माण से जुड़े दस्तावेजों और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2026 Breaking News Wale - Latest Hindi News by Breaking News Wale