नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ओडिशा में दो दलित युवकों को अमानवीय यातनाएं दिए जाने की घटना को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस घटना को “मनुवादी सोच की बर्बरता” बताया और कहा कि यह उन लोगों के लिए आईना है जो यह मानते हैं कि जाति अब मुद्दा नहीं रही।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “ओडिशा में दो दलित युवकों को घुटनों पर चलने, घास खाने और गंदा पानी पीने पर मजबूर करना सिर्फ़ अमानवीय नहीं, बल्कि मनुवादी सोच की बर्बरता है।”
उन्होंने जोर दिया कि “दलितों की गरिमा को रौंदने वाली हर घटना, बाबा साहेब के संविधान पर हमला है – बराबरी, न्याय और मानवता के ख़िलाफ़ साज़िश है।”
कांग्रेस नेता ने भाजपा शासित राज्यों में ऐसी घटनाओं के ‘आम’ होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी राजनीति ही “नफ़रत और ऊँच-नीच पर टिकी है।” उन्होंने विशेष रूप से ओडिशा में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और महिलाओं के ख़िलाफ़ अत्याचारों में “चिंताजनक वृद्धि” पर चिंता व्यक्त की।
राहुल गांधी ने मांग की कि दोषियों को तुरंत गिरफ़्तार कर कड़ी सज़ा दी जानी चाहिए। उन्होंने अपने बयान का समापन करते हुए कहा, “देश संविधान से चलेगा, मनुस्मृति से नहीं।”
ओडिशा में दो दलित युवकों को घुटनों पर चलने, घास खाने और गंदा पानी पीने पर मजबूर करना सिर्फ़ अमानवीय नहीं, बल्कि मनुवादी सोच की बर्बरता है।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 23, 2025
ये घटना उन लोगों के लिए आईना है जो कहते हैं कि जाति अब मुद्दा नहीं रही।
दलितों की गरिमा को रौंदने वाली हर घटना, बाबा साहेब के संविधान पर…
