उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में दर्शन पास व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। राम मंदिर दान चोरी प्रकरण सामने आने के बाद तीन अधिकारियों का वीआईपी स्टेटस समाप्त कर दिया गया है। इसके तहत ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, सदस्य डॉ. अनिल मिश्र और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव की पास आईडी रद्द कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, अब इन तीनों की आईडी से वीआईपी दर्शन पास जारी नहीं किए जाएंगे। इससे पहले इन्हें राम मंदिर में वीआईपी दर्शन पास जारी करने का अधिकार प्राप्त था। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से यह निर्णय लिया गया है।
बताया गया है कि दान चोरी प्रकरण में एसआईटी रिपोर्ट आने के बाद चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। ट्रस्ट की विशेष बैठक में दोनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए। इसके बाद उनके वीआईपी स्टेटस को भी समाप्त कर दिया गया।
नई व्यवस्था के तहत अब राम मंदिर में वीआईपी दर्शन पास जारी करने की जिम्मेदारी केवल ट्रस्ट के वर्तमान कार्यकारी महासचिव के पास होगी। पहले तीन अधिकृत व्यक्तियों की आईडी से वीआईपी पास जारी किए जाते थे। इसके अलावा मंदिर में कार्यरत करीब दो हजार कर्मियों के लिए भी इन्हीं के स्तर पर पास जारी किए जाते थे। अब इन तीनों की आईडी को सस्पेंड कर दिया गया है।
भक्तों और मंदिर में कार्यरत कर्मियों के लिए पास जारी करने की नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत पुलिस को नए तरीके के पास जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। राम मंदिर में भक्तों के लिए सुगम दर्शन और आरती पास जारी किए जाते रहे हैं। इस व्यवस्था को लेकर पिछले दिनों कई प्रकार के आरोप भी सामने आए थे।
