नई दिल्ली: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनकी सरमा द्वारा एफआईआर दर्ज कराए जाने के अगले ही दिन असम पुलिस की एक टीम कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर पहुंची। इस कानूनी प्रक्रिया में दिल्ली पुलिस के अधिकारी असम से आए दल की सहायता कर रहे हैं। नियमों के अनुसार जब एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य में कार्रवाई के लिए जाती है, तो स्थानीय पुलिस को सूचित करना अनिवार्य होता है, जिसका पालन इस मामले में किया गया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, पुलिस की टीम जब वहां पहुंची तो पवन खेड़ा अपने आवास पर मौजूद नहीं थे।
मामले की पृष्ठभूमि और विवाद की वजह
विवाद की शुरुआत रविवार को हुई जब पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनकी सरमा पर गंभीर व्यक्तिगत और वित्तीय आरोप लगाए। इन आरोपों के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे कांग्रेस की घबराहट करार दिया। हिमंता बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया कि वह और उनकी पत्नी इन दुर्भावनापूर्ण और मनगढ़ंत दावों के खिलाफ 48 घंटों के भीतर मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे। उन्होंने कहा कि खेड़ा को उनके बयानों के लिए कानूनी रूप से जवाबदेह ठहराया जाएगा।
खेड़ा का बनेगा 'पेड़ा'!#CongFakeAICampaign pic.twitter.com/xDK6l6H9DS
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) April 6, 2026
पवन खेड़ा के आरोपों का विवरण
पवन खेड़ा ने अपने दावों के समर्थन में कुछ दस्तावेज पेश किए और आरोप लगाया कि रिनकी सरमा के पास यूएई, मिस्र और एंटीगुआ और बारबुडा जैसे देशों के वैध पासपोर्ट हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि दुबई में उनकी संपत्तियां हैं और अमेरिका के व्योमिंग में एक बड़ी कंपनी रजिस्टर्ड है जिसका बजट अरबों डॉलर में है। इसके साथ ही खेड़ा ने रिनकी सरमा की भारतीय नागरिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं देता है, इसलिए इस मामले की जांच होनी चाहिए।
चुनावी हलफनामे पर सवाल और जांच की मांग
कांग्रेस नेता ने मुख्यमंत्री के चुनावी हलफनामे की सत्यता पर भी उंगली उठाई है। उनका कहना है कि इन कथित अंतरराष्ट्रीय संपत्तियों का जिक्र हलफनामे में नहीं किया गया था, जो कि चुनावी कानूनों का उल्लंघन और भ्रष्टाचार की निशानी है। पवन खेड़ा ने इन आरोपों के आधार पर मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी और उन्हें चुनाव के लिए अयोग्य घोषित करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की गुजारिश की है। इसी मामले के सिलसिले में अब असम पुलिस दिल्ली में सक्रिय हुई है।
