Ayatollah Ali Khamenei Funeral: जैन संत और अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक आचार्य लोकेश मुनि को ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण मिला है, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है। यह कार्यक्रम 4 और 5 जुलाई को तेहरान में आयोजित होगा।
आचार्य लोकेश मुनि के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, वह ईरान सरकार के आमंत्रण पर अमेरिका से तेहरान पहुंचेंगे। पोस्ट में कहा गया है कि वह 3 जुलाई 2026 को तेहरान स्थित इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसाल्ला कॉम्प्लेक्स में राष्ट्राध्यक्षों और वैश्विक नेताओं के साथ अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।
जानकारी के अनुसार, आचार्य लोकेश मुनि इस समय अमेरिका में हैं। पोस्ट में यह भी कहा गया कि अमेरिका की शांति-सद्भाव यात्रा के दौरान उनके “वी सपोर्ट पीस” अभियान को रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों दलों के नेताओं का समर्थन मिला है। ऐसे में उनकी तत्काल ईरान यात्रा को वैश्विक शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।
ईरान के सर्वोच्च नेता के कार्यालय की ओर से भेजे गए निमंत्रण पत्र में कहा गया है कि भारत और ईरान के ऐतिहासिक संबंधों को देखते हुए आचार्य लोकेश मुनि की उपस्थिति दोनों देशों के बीच सम्मान और मित्रता का प्रतीक होगी।
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— Acharya Lokesh Muni (@Munilokesh) July 1, 2026
ईरान सरकार के आमंत्रण पर विश्व शांतिदूत जैन आचार्य लोकेशजी अमेरिका 🇺🇸 से तेहरान पहुँचेंगे।
ईरान के राजकीय अतिथि पू.आचार्यश्री राष्ट्राध्यक्षों एवं वैश्विक नेताओं के साथ 3 जुलाई 2026 को तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसाल्ला कॉम्प्लेक्स में मा. ग्रैंड अयातुल्ला… pic.twitter.com/JLR0ICSvYf
ईरान की सरकारी मीडिया आईआरएनए के अनुसार, अंतिम संस्कार में 1.2 करोड़ से 2 करोड़ लोगों के शामिल होने का अनुमान है। इसे देखते हुए तेहरान में सुरक्षा, परिवहन, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए गए हैं। शहर के कई मार्गों पर वाहनों की आवाजाही भी सीमित रहेगी।
भारत सरकार की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैय्यद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा इस कार्यक्रम में प्रतिनिधित्व करेंगे।
जानकारी के अनुसार, 36 वर्षों तक इस्लामिक रिपब्लिक के सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को यूएस-इजरायल हमले में मृत्यु हो गई थी। यह घटना तेहरान पर हवाई हमलों के पहले दिन हुई थी।
ईरानी मीडिया के मुताबिक, अंतिम संस्कार से जुड़े धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहेगा। 7 जुलाई को पवित्र शहर कॉम में भी समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 9 जुलाई को मशहद में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। मशहद वही शहर है, जहां उनका जन्म हुआ था।
