Raigarh Outrage: रायगढ़ के तमनार इलाके में पुलिस के साथ हुई बदसलूकी और मारपीट के मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। महिला थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ की गई हिंसा के मुख्य आरोपी चित्रसेन साव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस का गुस्सा इस कदर फूटा कि आरोपी के चेहरे पर कालिख पोती गई और उसे जूते-चप्पलों की माला पहनाकर शहर के हेमू कालानी चौक से उसका जुलूस निकाला गया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने पटाखे फोड़कर अपना विरोध दर्ज कराया और यह संदेश दिया कि खाकी का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस पूरे विवाद की शुरुआत कोयला खदान को लेकर हुई एक जनसुनवाई के विरोध से हुई थी। प्रभावित गांवों के ग्रामीण दिसंबर महीने से सड़क जाम कर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया था। जब 27 दिसंबर को पुलिस और प्रशासन की टीम रास्ता खुलवाने पहुंची, तो प्रदर्शनकारी अचानक हिंसक हो गए और पुलिस बल पर हमला कर दिया। इस हमले में न केवल कई पुलिसकर्मी घायल हुए, बल्कि महिला थाना प्रभारी और महिला आरक्षकों के साथ मारपीट, अभद्र व्यवहार और उनके कपड़े फाड़ने जैसी शर्मनाक घटनाएं भी हुईं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी। पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर अब तक मुख्य आरोपी चित्रसेन साव सहित कुल छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए अन्य आरोपियों में मंगल राठिया, चिनेश खमारी, प्रेमसिंह राठिया, कीर्ति श्रीवास और वनमाली राठिया शामिल हैं। पुलिस ने साफ कर दिया है कि कानून हाथ में लेने वाले और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के साथ बदसलूकी करने वालों के खिलाफ ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
