पटना: राजधानी पटना के जानीपुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां अज्ञात अपराधियों ने दिनदहाड़े एक घर में घुसकर दो मासूम बच्चों को जिंदा जला दिया। मृतकों की पहचान अंजली और अंश के रूप में हुई है, जो एम्स में कार्यरत नर्स शोभा देवी और उनके पति ललन कुमार गुप्ता के बच्चे थे।
जानकारी के अनुसार, यह वीभत्स घटना बुधवार दोपहर 12 से 1 बजे के बीच की बताई जा रही है। दोनों बच्चे स्कूल से लौटकर जैसे ही घर पहुंचे, कुछ अज्ञात अपराधी घर में घुस आए और कथित रूप से दोनों को कमरे में बंद कर आग के हवाले कर दिया। जब तक आस-पास के लोग कुछ समझ पाते, दोनों बच्चों की दर्दनाक मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू कर दी। साथ ही फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी बुलाया गया है, जो घटनास्थल की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है – यह वारदात आपसी रंजिश का नतीजा है या कोई पूर्व नियोजित साजिश, फिलहाल कुछ भी स्पष्ट नहीं है।
वहीं, परिजनों का आरोप है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है। शोभा देवी और ललन कुमार ने रोते हुए बताया कि उनके बच्चों को जानबूझकर जिंदा जलाया गया है। “हमारे बच्चों ने किसी का क्या बिगाड़ा था? स्कूल से लौटकर आराम भी नहीं कर पाए और उन्हें जला दिया गया।”
घटना के बाद पूरे मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों और पड़ोसियों ने भी इस घटना पर गहरा आक्रोश जताया है और प्रशासन से दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग की है।
पटना पुलिस ने आश्वासन दिया है कि घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले सबूत और CCTV फुटेज के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
यह भयावह घटना न केवल पटना बल्कि पूरे बिहार को झकझोर गई है, जहां दो मासूमों को दरिंदगी का शिकार बनाया गया। अब सबकी नजरें पुलिस जांच और आने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
