Hazaribagh Crime News: झारखंड के हजारीबाग जिला अंतर्गत बड़कागांव क्षेत्र में एंटी क्राइम चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कोयलंग बांकपांजा टोला के पास चलाए गए विशेष जांच अभियान में पुलिस ने एक युवक को अवैध आग्नेयास्त्र और कारतूस के साथ धर दबोचा। पकड़े गए आरोपी के कब्जे से एक 9MM पिस्टल, छह जिंदा गोलियां, KSS लिखा दो पर्चा और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है। पुलिस की शुरुआती पूछताछ और पड़ताल में गिरफ्तार युवक का सीधा संबंध कुख्यात ‘प्रिंस खान गैंग’ से होने की बात सामने आई है।
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान बड़कागांव थाना क्षेत्र के तलवार गांव निवासी संदीप मेहता उर्फ संदीप कुशवाहा के रूप में हुई है। हजारीबाग पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देश पर अपराध नियंत्रण को लेकर बड़कागांव एसडीपीओ (SDPO) अमित आनंद के नेतृत्व में विभिन्न सड़कों पर सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान कोयलंग बांकपांजा टोला के समीप संदीप मेहता को संदिग्ध स्थिति में घूमते देखा गया। पुलिस टीम ने जब उसे रोककर तलाशी ली, तो उसके पास से हथियार, कारतूस और संदिग्ध पर्चे बरामद हुए, जिसके बाद उसे तत्काल हिरासत में ले लिया गया।
हजारीबाग पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़कागांव क्षेत्र अंतर्गत कोयलांग जंगल से प्रिंस खान गैंग के गुर्गो द्वारा बड़ी वारदात को अंजाम देने हेतु योजना बना रहे अपराधी को देशी पिस्तौल एवं जिंदा गोली के साथ गिरफ्तार किया गया।@JharkhandPolice @DGPJH@IGBokaro@DIGHazaribagh pic.twitter.com/qQdZzDwktZ
— Hazaribagh Police (@HazaribagPolice) September 6, 2026
तलाशी के दौरान जब्त किए गए KSS लिखे पर्चों ने पुलिस की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। आशंका जताई जा रही है कि इन पर्चों का इस्तेमाल रंगदारी या किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने के बाद जिम्मेदारी लेने के उद्देश्य से किया जाना था। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि इन पर्चों के पीछे गैंग की क्या मंशा थी और क्षेत्र में किस कारोबारी या व्यक्ति को निशाना बनाने की योजना बनाई जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बड़कागांव थाने में आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और रविवार को आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
हजारीबाग पुलिस अब संदीप मेहता के पुराने आपराधिक इतिहास को खंगालने के साथ-साथ प्रिंस खान गैंग के स्थानीय नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुट गई है। पुलिस की टीम इस बिंदु पर विशेष जांच कर रही है कि आरोपी को 9MM जैसी प्रतिबंधित बोर की पिस्टल और कारतूस कहां से सप्लाई किए गए थे और इस नेटवर्क में कौन-कौन से अन्य संदिग्ध शामिल हैं। अधिकारियों का दावा है कि आरोपी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और फॉरेंसिक जांच से गैंग से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण सुराग और खुलासे होने की पूरी संभावना है।
