दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पाकिस्तान से संचालित ‘शहजाद भट्टी मॉड्यूल’ के एक प्रमुख गुर्गे को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के मटकहेड़ा निवासी 18 वर्षीय हरमनदीप सिंह उर्फ हरमन के रूप में हुई है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान में बैठा गैंगस्टर से आतंकी बना शहजाद भट्टी भारत के युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए फंसाकर उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल कर रहा था। हरमन की गिरफ्तारी से दिल्ली और उत्तर प्रदेश में होने वाले संभावित ग्रेनेड हमलों की एक बड़ी साजिश टल गई है।
‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ और ग्राफिटी का कनेक्शन
जांच के दौरान हरमन के मोबाइल से पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के साथ हुई चैट, कॉलिंग डिटेल्स और कई आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए हैं। आरोपी ने स्वीकार किया है कि उसने पंजाब के होशियारपुर में तीन स्थानों पर ‘TTH- तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ नाम की ग्राफिटी (दीवारों पर लिखे नारे) बनाई थी। हाल ही में पंजाब में दो पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद खुफिया एजेंसियां इस ‘TTH’ नाम को लेकर पहले से ही अलर्ट पर थीं। हरमन के पास से वह स्प्रे बोतल भी बरामद हुई है जिसका इस्तेमाल ग्राफिटी लिखने के लिए किया गया था। इसके अलावा, आरोपी ने दिल्ली के कश्मीरी गेट में एक वकील पर हुई फायरिंग में अपने साथियों के शामिल होने का भी दावा किया है।
सोशल मीडिया और ‘लक्जरी लाइफ’ का लालच
हरमन के आतंकी मॉड्यूल से जुड़ने की कहानी बेहद चौंकाने वाली है। पारिवारिक समस्याओं और स्कूल छोड़ने के बाद वह सोशल मीडिया पर रील्स बनाने लगा था। अपराधियों की ‘लक्जरी लाइफ’ और हथियारों को देखकर वह इस दलदल में फंसता चला गया। उसने इंस्टाग्राम पर शहजाद भट्टी को फॉलो करना शुरू किया और सिरसा ग्रेनेड हमले के आरोपी धीरज उर्फ धीरू के जरिए भट्टी तक अपनी पहुंच बनाई। भट्टी ने उसे ड्रोन के जरिए हथियार भेजने, मोटी रकम देने और काम पूरा होने के बाद दुबई में सेटल करने का झांसा दिया था।
रामपुर पुलिस चौकी थी निशाने पर
पुलिस पूछताछ में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि शहजाद भट्टी ने हरमन और उसके साथी अनस को रामपुर की एक पुलिस चौकी पर ग्रेनेड अटैक करने का सीधा आदेश दिया था। इसके लिए पंजाब के रास्ते ग्रेनेड भेजने की पूरी तैयारी कर ली गई थी। पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स एक खास पैटर्न पर काम करते थे, जिसमें सोशल मीडिया प्रोफाइल देखकर युवाओं को चुनना, उन्हें छोटे काम देना, पैसे ट्रांसफर करना और अंत में फायरिंग या ग्रेनेड अटैक जैसे बड़े आतंकी कृत्यों के लिए तैयार करना शामिल था।
समय रहते टली बड़ी वारदात
स्पेशल सेल के डीसीपी नर्रा चैतन्य के अनुसार, यह एक संगठित अंतरराष्ट्रीय मॉड्यूल है जो पूरी तरह से पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहा था। हरमन की गिरफ्तारी ने न केवल रामपुर में होने वाले हमले को रोका, बल्कि पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली को भी उजागर कर दिया है। पुलिस अब इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य फरार आरोपियों, विशेषकर ‘अनस’ और भारत में मौजूद अन्य संपर्कों की तलाश में दिल्ली, यूपी और पंजाब में छापेमारी कर रही है।
