बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में पुलिस और स्वाट टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 हजार के इनामी बदमाश और तिहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी जीतू सैनी को मुठभेड़ में मार गिराया। यह मुठभेड़ खुर्जा नगर कोतवाली क्षेत्र के ढाकर रोड पर हुई, जहां पुलिस और बदमाशों के बीच कई राउंड फायरिंग हुई। गोली लगने के बाद जीतू सैनी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस दौरान मुठभेड़ में स्वाट टीम प्रभारी मोहम्मद असलम और हेड कांस्टेबल मोहित मलिक भी गोली लगने से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं, एक अन्य आरोपी मयंक सैनी को भी पुलिस ने पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया है।
इस सनसनीखेज मामले की शुरुआत खुर्जा के एक जिम में आयोजित जन्मदिन की पार्टी से हुई थी। बताया गया कि जीतू सैनी अपना जन्मदिन मना रहा था, तभी मनीष नाम के युवक से चेहरे पर केक लगाने को लेकर विवाद हो गया। मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया और गुस्से में आकर जीतू ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस फायरिंग में मनीष, उसके चचेरे भाई अमरदीप और भतीजे आकाश की मौके पर ही मौत हो गई थी।
पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जानकारी के मुताबिक, मृतक तीनों युवक भाजपा से जुड़े हुए बताए जा रहे थे, जबकि मुख्य आरोपी जीतू सैनी समाजवादी पार्टी का पूर्व नगर अध्यक्ष रह चुका था।
मुठभेड़ के दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर भी हमला किया। फायरिंग इतनी तीव्र थी कि सिपाही रामफल और कपिल की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं, जिससे उनकी जान बच गई। पुलिस ने मौके से दो पिस्टल, एक तमंचा और बड़ी मात्रा में जिंदा व इस्तेमाल किए गए कारतूस बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, मयंक सैनी को उस वक्त गोली लगी जब वह भागने की कोशिश कर रहा था और पुलिस पर फायरिंग कर दी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
