Sugar Price Today: देश भर में त्योहारी सीजन से ठीक पहले चीनी की महंगाई से जूझ रहे आम उपभोक्ताओं और कारोबारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार की ओर से 10 लाख टन कच्चे चीनी के कर-मुक्त (ड्यूटी फ्री) आयात की अनुमति दिए जाने और जमाखोरों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के बाद थोक बाजार में चीनी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कुछ ही दिनों के भीतर wholesale (थोक) मार्केट में चीनी का भाव लगभग 15 प्रतिशत तक नीचे आ गया है। महज तीन दिनों के भीतर थोक बाजार में चीनी की कीमत में करीब 800 रुपये प्रति क्विंटल तक की कमी आई है, जिससे थोक भाव घटकर ₹62 प्रति किलोग्राम के आसपास आ गए हैं।
उपभोक्ता मामलों के विभाग (Department of Consumer Affairs) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 24 अगस्त को 1 किलोग्राम चीनी का औसत खुदरा मूल्य ₹63.05 दर्ज किया गया था। गौरतलब है कि एक सप्ताह पहले तक खुदरा बाजार में चीनी ₹51.68 प्रति किलोग्राम थी, वहीं पिछले महीने 24 जुलाई को इसका दाम ₹48 प्रति किलोग्राम था—यानी बीते एक महीने में चीनी की कीमतों में लगभग ₹15 प्रति किलोग्राम का उछाल देखा गया था। तुलनात्मक रूप से देखें तो पिछले वर्ष इसी अवधि में चीनी का औसत भाव ₹45.87 प्रति किलोग्राम था। हालांकि, थोक बाजार में आई हालिया गिरावट के बाद चीनी उद्योग के विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में खुदरा बाजार में भी कीमतें ₹3 प्रति किलोग्राम तक और नीचे आ सकती हैं।
देश में चीनी की उपलब्धता को लेकर केंद्र सरकार ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में देश के पास 36 लाख टन चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सरकार का आकलन है कि इस मौजूदा भंडारण और विदेश से आ रही 10 लाख टन आयातित चीनी के संयोजन से नए पेराई सत्र की शुरुआत से पहले देश को किसी भी तरह की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, बाजार में कृत्रिम कमी और जमाखोरी को रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों की संयुक्त टीमें मिलों व व्यापारियों के स्टॉक की सख्त निगरानी कर रही हैं। सरकार ने जमाखोरों और कीमतों में हेरा-फेरी करने वालों को कड़ी कार्रवाई की स्पष्ट चेतावनी दी है।
वहीं, एथेनॉल उत्पादन के कारण चीनी की कमी और दाम बढ़ने की अटकलों पर भी विराम लग गया है। इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) ने स्पष्ट किया है कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है। एसोसिएशन के अनुसार, अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 के चक्र में कुल 1,200 करोड़ लीटर एथेनॉल का उत्पादन हुआ है, जिसमें से केवल 290 करोड़ लीटर एथेनॉल ही गन्ने के रस व शीरे (feedstock) से तैयार किया गया है। सरकार के इन समयबद्ध फैसलों और सख्त पहलों के चलते अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले त्योहारों में उपभोक्ताओं को चीनी पुरानी व वाजिब दरों पर उपलब्ध हो सकेगी।
