Turkman Gate Violence: दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार को पुलिस ने इस हिंसा के सिलसिले में छह और लोगों को गिरफ्तार किया, जिससे अब तक पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या 11 हो गई है। गिरफ्तार किए गए नए आरोपियों की पहचान अफ़ान, आदिल, शाहनवाज़, हमज़ा, अतहर और उबैद के रूप में हुई है, जो सभी इसी इलाके के रहने वाले हैं। अदालत ने पहले से गिरफ्तार पांच आरोपियों को 13 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
इस पूरे विवाद की जड़ में सोशल मीडिया पर फैली वह ‘झूठी अफवाह’ है, जिसमें दावा किया गया था कि प्रशासन मस्जिद को ढहा रहा है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि व्हाट्सएप ग्रुपों और सोशल मीडिया के जरिए यह भ्रामक संदेश फैलाया गया, जिससे करीब 200 से ज्यादा लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने करीब 10 सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स की पहचान की है जिन्होंने इस अफवाह को हवा दी, और इनमें से एक महिला इंफ्लुएंसर को पूछताछ के लिए समन भी भेजा गया है।
भ्रम को दूर करने के लिए दिल्ली पुलिस ने डिमोलिशन साइट का ‘बिफोर और आफ्टर’ एरियल वीडियो भी जारी किया है। इस फुटेज के माध्यम से स्पष्ट किया गया है कि कोर्ट के आदेश पर केवल अवैध बैंक्वेट हॉल और डिस्पेंसरी को ही हटाया गया है, जबकि मस्जिद पूरी तरह सुरक्षित है। नगर निगम (MCD) ने करीब 36 हजार वर्ग फुट क्षेत्र से अतिक्रमण साफ कर दिया है। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई से पहले 120 से ज्यादा मौलवियों और अमन कमेटी के साथ बैठक कर उन्हें मस्जिद सुरक्षित रहने का आश्वासन दिया गया था।
राजनीतिक स्तर पर, पुलिस समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को भी जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजने की तैयारी कर रही है, क्योंकि वे घटना के समय वहां मौजूद थे। हिंसा के दौरान पथराव में एसएचओ समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हुए थे, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी मिल गई है। आज जुमे की नमाज को देखते हुए पूरे इलाके में भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।
