बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार गंभीर होती जा रही हैं। सोमवार रात एक और सनसनीखेज मामला सामने आया, जिसमें नरसिंदी जिले के पोलाश उपजिला क्षेत्र में एक हिंदू दुकानदार की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस घटना के साथ ही बीते कुछ दिनों में मारे गए हिंदुओं की संख्या छह हो गई है, जिससे देश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ये वे घटनाएं हैं, जो किसी न किसी रूप में सार्वजनिक रूप से सामने आई हैं, जबकि जमीनी स्तर पर हालात इससे भी ज्यादा चिंताजनक बताए जा रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 5 जनवरी 2026 की रात करीब 10 बजे चोरसिंदूर बाजार में किराना दुकान चलाने वाले मोनी चक्रवर्ती पर अज्ञात हमलावरों ने अचानक धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मोनी चक्रवर्ती, मदन चक्रवर्ती के सबसे बड़े बेटे थे और इलाके में एक प्रतिष्ठित व्यापारी के रूप में जाने जाते थे।
इस घटना से पहले बांग्लादेश में एक और हत्या ने लोगों को झकझोर दिया था। जशोर जिले के मनीरामपुर इलाके में पत्रकार राणा प्रताप बैरागी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात सोमवार शाम करीब छह बजे हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोटरसाइकिल पर सवार हमलावर उन्हें उनकी बर्फ फैक्ट्री से बाहर बुलाकर पास की एक गली में ले गए। वहां कुछ कहासुनी के बाद उनके सिर में कई गोलियां मार दी गईं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
अब तक जिन छह हिंदुओं की हत्या की पुष्टि सामने आई है, उनमें मोनी चक्रवर्ती और राणा प्रताप बैरागी के अलावा दीपू दास, अमृत मंडल, बजेंद्र विश्वास और खोकोन दास शामिल हैं। बताया गया है कि दीपू दास की हत्या कथित ईशनिंदा के आरोप में की गई थी। वहीं कारोबारी खोकोन दास पर भीड़ ने हमला कर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था। वह कई दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझते रहे, लेकिन अंततः उनकी भी मौत हो गई।
लगातार हो रही इन हत्याओं से बांग्लादेश में सांप्रदायिक तनाव और गहराता जा रहा है। हिंदू समुदाय में भय और असुरक्षा का माहौल है और लोग सरकार से ठोस सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों ने भी इन घटनाओं पर चिंता जताई है और चेतावनी दी है कि अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और ज्यादा बिगड़ सकते हैं। फिलहाल इन सभी मामलों में पुलिस जांच जारी है, लेकिन अब तक किसी बड़ी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
