दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने गांधी विहार (Gandhi Vihar) में हुई एक रहस्यमयी मौत की गुत्थी सुलझा ली है, जहां इस महीने की शुरुआत में एक 32 वर्षीय यूपीएससी अभ्यर्थी की जली हुई लाश उसके फ्लैट में मिली थी। जो मामला पहले एक आग लगने की दुर्घटना लग रहा था, वह दरअसल जुनून और बदले से जुड़ा एक खौफनाक अपराध निकला।
मृतक की पहचान रामकेश मीणा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उसकी हत्या उसकी लिव-इन पार्टनर अमृता चौहान (21) ने अपने पूर्व प्रेमी सुमित कश्यप, जो एक एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर (LPG Distributor) है, और उनके दोस्त संदीप कुमार के साथ मिलकर की। तीनों उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के रहने वाले हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की जानकारी — फॉरेंसिक साइंस (Forensic Science) और गैस मैकेनिक्स — का इस्तेमाल करते हुए हत्या की योजना बनाई। इसके बाद उन्होंने फ्लैट में आग लगाकर इसे दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की। जो शुरुआत में एसी ब्लास्ट बताया जा रहा था, वह दरअसल एक सोची-समझी साजिश थी।
रामकेश की लाश मिलने के कुछ दिन बाद ही पुलिस ने तीनों आरोपियों — अमृता, सुमित और संदीप — को गिरफ्तार कर लिया। अमृता बी.एससी फॉरेंसिक साइंस की छात्रा थी और मई से रामकेश के साथ रह रही थी। लेकिन जब उसे पता चला कि रामकेश ने उसकी निजी वीडियो रिकॉर्ड कर रखी हैं और बार-बार कहने के बावजूद उन्हें डिलीट नहीं कर रहा है, तो दोनों के रिश्ते में तनाव बढ़ गया।
गुस्से और अपमान से भरी अमृता ने अपने एक्स-बॉयफ्रेंड सुमित को यह बात बताई, जिसने उसे “सबक सिखाने” का वादा किया। इसके बाद उसने अपने दोस्त संदीप को साथ लिया और तीनों ने हत्या की योजना बनाई।
डीसीपी (नॉर्थ) राजा बंथिया के अनुसार, तीनों 5–6 अक्टूबर की रात मुरादाबाद से दिल्ली आए और गांधी विहार स्थित चौथी मंजिल के फ्लैट में पहुंचे। सीसीटीवी फुटेज में दो नकाबपोश पुरुषों को बिल्डिंग में प्रवेश करते और एक महिला को उनके पीछे आते देखा गया। करीब 2:57 बजे वही महिला और एक पुरुष बाहर निकलते दिखाई दिए, और कुछ मिनटों बाद धमाका हुआ।
डीसीपी बंथिया ने बताया, “सीसीटीवी फुटेज में दो लोगों को देखा गया जिनके चेहरे ढके हुए थे। उनके बाहर निकलने के तुरंत बाद आग लगी, जिससे शक हुआ। फॉरेंसिक जांच के बाद साफ़ हुआ कि यह हत्या थी।”
पुलिस को मौके से रामकेश का जला हुआ शव मिला। शुरुआत में अधिकारियों को लगा कि यह शॉर्ट सर्किट या एसी ब्लास्ट से हुआ होगा, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और जलने के पैटर्न ने शक गहरा दिया।
अमृता का मोबाइल लोकेशन उसे वारदात स्थल के पास दिखा रहा था, और कॉल डिटेल्स से भी उसकी भूमिका की पुष्टि हुई।
कई छापों के बाद पुलिस ने 18 अक्टूबर को अमृता को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल की और बताया कि उसने सुमित और संदीप के साथ मिलकर रामकेश का गला दबाकर उसकी हत्या की। “हत्या के बाद उन्होंने घी, तेल और शराब डालकर शव को जलाया। सुमित ने गैस सिलेंडर का वाल्व खोल दिया ताकि धमाका हो सके,” डीसीपी ने बताया।
सुमित, जो एलपीजी एजेंट के रूप में काम करता है, ने गैस सिलेंडर का इस्तेमाल विस्फोट कराने और घटना को हादसा दिखाने के लिए किया। तीनों ने फ्लैट को अंदर से एक छोटे छेद के ज़रिए बंद किया ताकि शक न हो, और फिर वहां से भाग निकले। इसके बाद जोरदार धमाका हुआ। उन्होंने सबूत मिटाने के लिए रामकेश का हार्ड डिस्क, लैपटॉप और अन्य सामान भी साथ ले गए।
पुलिस के मुताबिक, अमृता की फॉरेंसिक साइंस की पढ़ाई और क्राइम वेब सीरीज़ देखने की रुचि ने उसे अपराध की योजना बनाने में मदद की।
उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने एक हार्ड डिस्क, ट्रॉली बैग, रामकेश की शर्ट और दो मोबाइल फोन बरामद किए। अमृता की निशानदेही पर सुमित को 21 अक्टूबर और संदीप को 23 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। दोनों ने पूछताछ में जुर्म कबूल किया।
टिमारपुर थाने के इंस्पेक्टर पंकज तोमर के नेतृत्व में तकनीकी सर्विलांस, कॉल रिकॉर्ड और स्थानीय जानकारी के आधार पर इस केस को सुलझाया गया। पुलिस ने हत्या, साजिश और सबूत नष्ट करने से जुड़े धाराओं में केस दर्ज किया है।
तीनों आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और आगे की जांच जारी है।
