लखनऊ: महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के ज्यूपिटर हॉल में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका शुभारम्भ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस दौरान सीएम योगी ने महर्षि वाल्मीकि का भावपूर्ण स्मरण करते हुए उन्हें महापुरुषों की परंपरा का भाग्यविधाता बताया।
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने लोक कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए देवऋषि नारद से यह प्रश्न पूछा था कि चरित्र से युक्त कौन ऐसा है, जिसके बारे में वह लिख सकें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महर्षि वाल्मीकि जानते थे कि चरित्र से युक्त व्यक्ति ही लोक कल्याण का माध्यम बन सकता है, और इसी सोच के साथ उन्होंने महाकाव्य रामायण की रचना कर भगवान राम के चरित्र से हमारा परिचय कराया।
आगे बढ़ते हुए सीएम योगी ने विपक्षी दलों पर तीखा राजनीतिक हमला किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग श्रीराम को गाली देते हैं, वो भगवान वाल्मीकि का अपमान करते हैं, और जो भगवान वाल्मीकि का अपमान करते हैं, वे भगवान श्रीराम का भी अपमान करते हैं।
जो लोग भगवान वाल्मीकि जी का अपमान करते हैं, वो भगवान श्री राम का भी अपमान करते हैं… pic.twitter.com/2odWCzds5X
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 7, 2025
सीएम योगी ने अयोध्या में हुए विकास कार्यों को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अयोध्या में एयरपोर्ट का निर्माण समाजवादी पार्टी ने नहीं किया, और जब इस एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि जी के नाम पर रखा गया, तो समाजवादी पार्टी ने इसका विरोध किया।
उन्होंने गर्व से बताया कि देश का पहला इंटरनेशनल एयरपोर्ट अयोध्या में वाल्मीकि जी के नाम पर बना है, और अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर बन रहे सप्त ऋषियों के मंदिर में वाल्मीकि जी का भी मंदिर बनाया गया है। अंत में, सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोग आज भी वोटों के लिए जाति का सहारा लेते हैं।
