ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र से पहले तेहरान रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में अमेरिका की शर्तों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका ने ईरान से तीन महीने की मोहलत के बदले अपना सारा समृद्ध यूरेनियम सौंपने की मांग की थी, जिसे ईरान मंजूर नहीं करेगा।
पेजेशकियान ने कहा, “अमेरिका चाहता है कि हम अपना सारा समृद्ध यूरेनियम उन्हें सौंप दें और बदले में वे हमें तीन महीने का प्रतिबंधों से छूट देंगे। यह किसी भी तरह से मंजूर नहीं है।” उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान संयुक्त राष्ट्र में प्रतिबंधों से बचने की कोशिश कर रहा है और यूरोपीय देशों ने ‘स्नैपबैक’ प्रक्रिया पर अपना फैसला सुना दिया है।
ईरानी न्यूज एजेंसी मेहर ने पेजेशकियान की उस बैठक का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने किसी भी प्रतिबंध के आगे नतमस्तक न होने का दृढ़ निश्चय जताया। पेजेशकियान ने इजरायल को निशाने पर लेते हुए कहा कि दुश्मन मानता है कि प्रतिबंध और स्नैपबैक के जरिए ईरान को कमजोर किया जा सकता है, लेकिन ऐसी चुनौतियां राष्ट्र को और मजबूत बनाती हैं।
राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि ईरान का किसी से कोई झगड़ा नहीं है, लेकिन दबाव और प्रतिबंधों के आगे वह कभी नहीं झुकेगा। उन्होंने पड़ोसी देशों के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर देते हुए बताया कि 17 पड़ोसी राज्यों के साथ संपर्क स्थापित करना ईरान के लिए प्रतिबंधों को बेअसर करने में पर्याप्त है।
