कवर्धा जिले में आदिवासी युवती से सामूहिक दुष्कर्म की वारदात ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। घटना 24 सितंबर की रात की है, जब पीड़िता विवाद के बाद घर से निकलकर बस स्टैंड की ओर जा रही थी। इसी दौरान बाइक सवार तीन युवकों ने उसे बहला-फुसलाकर सुनसान इलाके में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम दिया। घटना से पहले तीनों आरोपियों ने सिलोशन ट्यूब का नशा किया था। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने पीड़िता को धमकाकर बस स्टैंड के पास छोड़ दिया।
मामले की जानकारी मिलते ही आदिवासी समाज आक्रोशित हो उठा और कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। बढ़ते दबाव और जनाक्रोश को देखते हुए कवर्धा पुलिस ने मात्र 36 घंटे में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह छवाई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले का खुलासा किया और बताया कि आरोपी आदतन अपराधी हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जितेंद्र खरे उर्फ जित्तु (22), नसीम अहमद उर्फ छोटू (25) और मोहम्मद सरफराज उर्फ सफ्फु (21) के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों को मौके पर ले जाकर सीन रीक्रिएशन कराया और शहर में जुलूस भी निकाला।
घटना के बाद आदिवासी समाज ने कड़ी नाराजगी जताई और आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की। इस जघन्य अपराध ने क्षेत्र में महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
