लखनऊ: उत्तर प्रदेश में निलंबित आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने उनके निलंबन को एक साल तक बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजी है। अभिषेक प्रकाश, जो अलीगढ़, बरेली और लखनऊ के डीएम रह चुके हैं, को रिश्वतखोरी के एक मामले में निलंबित किया गया था। 20 सितंबर को उनके निलंबन के छह महीने पूरे हो जाएंगे।
क्या है मामला?
अभिषेक प्रकाश पर एक व्यापारी से उद्योग लगाने के बदले 5 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप है। गोपनीय जांच में यह आरोप सही पाए गए हैं। जब यह घटना हुई, तब अभिषेक प्रकाश उद्योग विभाग के तहत इन्वेस्ट यूपी में सीईओ के पद पर तैनात थे।
इस मामले में केवल अभिषेक प्रकाश ही नहीं, बल्कि कई अन्य अधिकारी भी दोषी पाए गए हैं, जिनमें लखनऊ के तत्कालीन एडीएम प्रशासन अमरपाल सिंह, एसडीएम संतोष कुमार, और कई अन्य अधिकारी शामिल हैं। सरोजिनी नगर सब रजिस्टार ऑफिस के कर्मचारी भी इस मामले में दोषी पाए गए हैं। चार तत्कालीन तहसीलदारों पर भी कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है।
