चुराचंदपुर: मणिपुर की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकता, साहस और विकास का संदेश दिया। उन्होंने मंच से तीन बार जोरदार स्वर में कहा – “भारत माता की जय, भारत माता की जय, भारत माता की जय!”। राज्यपाल अजय भल्ला, प्रशासनिक अधिकारी और हजारों नागरिकों की उपस्थिति में पीएम मोदी ने मणिपुरवासियों के हौसले को सलाम किया। बारिश और कठिनाईयों के बावजूद विशाल जनसमूह का जुटना उनकी लोकप्रियता और जनता के विश्वास को दर्शाता है। सड़क मार्ग से पहुंचने के अपने अनुभव को साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मणिपुरवासियों का प्यार और तिरंगे से सजी सड़कों के दृश्य उनके जीवन की अमूल्य स्मृति बन गए।
सांस्कृतिक धरोहर और विकास का संकल्प
पीएम मोदी ने मणिपुर की संस्कृति और परंपराओं को भारत की ताकत बताया। उन्होंने कहा कि “मणि” शब्द अपने आप में पूर्वोत्तर की चमक को उजागर करता है। उनके अनुसार केंद्र सरकार का निरंतर प्रयास है कि मणिपुर को विकास की तेज़ रफ्तार पर आगे बढ़ाया जाए। इसी कड़ी में करीब 7,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया, जिनका लाभ स्वास्थ्य, शिक्षा और जनसुविधाओं को मिलेगा।
कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान
प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि बॉर्डर राज्य होने के कारण मणिपुर में कनेक्टिविटी बड़ी चुनौती रही है। 2014 के बाद से रेल और सड़क नेटवर्क पर बड़े पैमाने पर निवेश किया गया।
- 3700 करोड़ रुपए राष्ट्रीय राजमार्गों पर खर्च हुए।
- 8700 करोड़ की लागत से नए हाईवे बनाए जा रहे हैं।
- जीरीबाम–इंफाल रेलवे लाइन पर 22,000 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं, जो जल्द ही इंफाल को नेशनल रेल नेटवर्क से जोड़ेगी।
- नया इंफाल एयरपोर्ट (400 करोड़ रुपए की लागत से बना) हवाई संपर्क को नई ऊंचाई दे रहा है।
इन प्रयासों से गांवों तक सड़कें पहुंचीं, नौजवानों को रोजगार मिला और आर्थिक गतिविधियां तेज हुईं।
बुनियादी सुविधाओं में सुधार
पीएम मोदी ने बताया कि:
- 60,000 से अधिक पक्के घर गरीब परिवारों को मिल चुके हैं।
- 1 लाख परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन मिला है।
- नल-से-जल योजना के तहत अब 3.5 लाख से अधिक घरों में पाइप से पानी उपलब्ध है।
- स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए चुराचांदपुर मेडिकल कॉलेज और पीएम डिवाइन योजना के तहत पांच पहाड़ी जिलों में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं शुरू की गई हैं।
- आयुष्मान भारत योजना से 2.5 लाख मरीजों ने मुफ्त इलाज कराया, जिससे लगभग 350 करोड़ रुपए का बोझ गरीबों पर से हटा।
शांति और स्थिरता पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास के लिए शांति जरूरी है। उन्होंने हिंसा प्रभावित कैंपों में रह रहे लोगों से मुलाकात की और विश्वास जताया कि मणिपुर नई उम्मीदों के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने संगठनों से अपील की कि संवाद और आपसी सम्मान से शांति कायम करें।
आदिवासी और नारीशक्ति पर फोकस
सरकार ने आदिवासी विकास के लिए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान शुरू किया है।
- मणिपुर के 500 गांवों में विकास कार्य चल रहे हैं।
- 18 एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल बन रहे हैं।
- महिलाओं के लिए वर्किंग वुमेन हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मणिपुर को शांति (Peace), समृद्धि (Prosperity) और प्रगति (Progress) का प्रतीक बनाया जाएगा। विस्थापित परिवारों के लिए घर, विशेष पैकेज और मदद के जरिए केंद्र सरकार मणिपुर को हर संभव सहयोग दे रही है।
अपने भाषण का समापन करते हुए उन्होंने पूरे उत्साह से कहा –“भारत माता की जय! भारत माता की जय! भारत माता की जय!”
A landmark day for Mizoram as it joins India's railway map! Key infrastructure projects are also being initiated. Speaking at a programme in Aizawl. https://t.co/MxM6c2WZHZ
— Narendra Modi (@narendramodi) September 13, 2025
