काठमांडू: नेपाल में जारी भारी हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के बीच, काठमांडू के लोकप्रिय मेयर बालेन शाह ने प्रदर्शनकारी युवाओं, जिन्हें ‘जेन-जी’ (Gen-Z) कहा जा रहा है, के आंदोलन की सराहना की है। उन्होंने एक सुनहरे भविष्य के निर्माण की बात कही और नए सरकार के गठन में जल्दबाजी न करने की अपील की। बालेन शाह ने यह भी कहा कि संसद को तुरंत भंग किया जाना चाहिए और देश में नए चुनाव कराने के लिए एक अंतरिम सरकार का गठन होना चाहिए।
बालेन शाह का युवाओं के नाम संदेश
बालेन शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक लंबा संदेश जारी किया। उन्होंने लिखा, “प्रिय जेन-जी (Gen-Z ) और सभी नेपालियों से मेरा अनुरोध है,
देश इस समय एक अभूतपूर्व स्थिति से गुजर रहा है। आप अब एक सुनहरे भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। कृपया इस समय घबराएं नहीं; धैर्य रखें।”
उन्होंने आगे कहा कि देश को अब एक ऐसी अंतरिम सरकार मिलने वाली है, जो नए चुनाव कराएगी। मेयर ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को इस अंतरिम सरकार का नेतृत्व सौंपने के युवाओं के प्रस्ताव का पूर्ण समर्थन किया। उन्होंने युवाओं की समझ, बुद्धिमत्ता और एकता की सराहना करते हुए कहा कि इससे उनकी परिपक्वता का पता चलता है।
बालेन शाह ने उन नेताओं को भी संदेश दिया जो जल्दबाजी में नेतृत्व संभालना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “देश को आपके जुनून, आपकी सोच और आपकी ईमानदारी की स्थायी रूप से जरूरत है, अस्थायी रूप से नहीं। इसके लिए चुनाव होंगे। कृपया जल्दबाजी न करें।”
उन्होंने माननीय राष्ट्रपति से अपील की कि इस ऐतिहासिक क्रांति की रक्षा के लिए एक अंतरिम सरकार का गठन किया जाए और संसद को तुरंत भंग किया जाए।
— Balen Shah (@ShahBalen) September 10, 2025
युवाओं के बीच बालेन शाह की लोकप्रियता
बालेन शाह एक नेपाली रैपर और राजनीतिज्ञ हैं, जो युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। वे काठमांडू के मेयर चुने जाने वाले पहले स्वतंत्र उम्मीदवार हैं और सोशल मीडिया पर बहुत सक्रिय रहते हैं। नेपाल में हिंसा के दौरान ऐसी भी चर्चा थी कि देश की कमान उन्हें सौंपी जा सकती है।
हाल ही में, सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ युवा और छात्र एकजुट होकर सड़कों पर उतर आए थे। यह विरोध प्रदर्शन इतना उग्र हो गया था कि छात्रों ने संसद परिसर में घुसकर उसमें आग लगा दी। देश भर में हुई झड़पों और हिंसा को रोकने के लिए पुलिस को गोलियां चलानी पड़ीं, जिसमें 19 लोगों की मौत हो गई। इस घटना ने युवाओं के गुस्से को और भड़का दिया। उग्र प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली सहित कई मंत्रियों के घरों को भी आग के हवाले कर दिया और कई मंत्रियों की पिटाई भी की। सेना ने किसी तरह मंत्रियों की जान बचाई।
