लगातार बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी के चलते यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। हथिनीकुंड बैराज से शुक्रवार को ढाई लाख क्यूसेक और गोकुल बैराज से 1.22 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी खतरे के निशान के बेहद करीब बह रही है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि शनिवार को यमुना बाढ़ स्तर 499 फीट को पार कर सकती है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने सदर तहसील क्षेत्र के ठार आश्रम के मेहरा नाहरगंज के 40 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया है। जलस्तर और बढ़ने पर पांच हजार से अधिक परिवार बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।
आगरा और आसपास के क्षेत्रों में कई झोपड़ियां, खलिहान और खेत डूब चुके हैं। शहर के नगला बूढ़ी, अमर विहार, कटरा वजीर खां, रामबाग बस्ती जैसे इलाके बाढ़ के खतरे में हैं। वहीं, दयालबाग, बल्केश्वर और टेढ़ी बगिया जैसे निचले क्षेत्रों में पानी घुसना शुरू हो गया है।
ताजमहल और उसके आसपास का क्षेत्र भी बाढ़ की चपेट में आने की आशंका से जूझ रहा है। कैलाश घाट का मंदिर जलमग्न हो चुका है और बल्केश्वर घाट का काली मंदिर पूरी तरह डूब गया है। ताजमहल के पीछे स्थित चंद्रशेखर पार्क और दशहरा घाट भी डूब चुके हैं।
शहर के 40 से अधिक नाले बैक मार रहे हैं, जिससे जल निकासी की समस्या और गंभीर हो गई है। निगम, जल पुलिस और स्थानीय गोताखोर बाढ़ राहत कार्यों के लिए सक्रिय कर दिए गए हैं।
