नई दिल्ली: भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने रेनॉल्ट ग्रुप बी.वी. और उसके नामित रेनॉल्ट एस.ए.एस. (अधिग्रहणकर्ता) द्वारा रेनॉल्ट निसान ऑटोमोटिव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (लक्ष्य) में हिस्सेदारी के प्रस्तावित अधिग्रहण को अपनी मंजूरी दे दी है। यह अधिग्रहण निसान मोटर कंपनी लिमिटेड जापान (निसान) और निसान ओवरसीज इन्वेस्टमेंट्स बी.वी. (निसान ओवरसीज) से किया जा रहा है।
प्रस्तावित व्यवस्था में रेनॉल्ट ग्रुप बी.वी. (अधिग्रहणकर्ता 1) और उसके नामिती रेनॉल्ट एस.ए.एस. (अधिग्रहणकर्ता 2) की ओर से रेनॉल्ट निसान ऑटोमोटिव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (लक्ष्य) में निसान मोटर कंपनी लिमिटेड जापान (निसान) और निसान ओवरसीज इन्वेस्टमेंट्स बी.वी. (निसान ओवरसीज) (सामूहिक रूप से, “विक्रेता”) के इक्विटी शेयरों और पूर्णतः भुगतान किए गए शून्य-कूपन गैर-परिवर्तनीय प्रतिदेय अधिमान्य शेयरों का अधिग्रहण शामिल है।
अधिग्रहणकर्ता 1 (रेनॉल्ट ग्रुप बी.वी.)
यह यात्री कारों, हल्के वाणिज्यिक वाहनों और इलेक्ट्रिक वाहनों का डिज़ाइन, निर्माण और विपणन करता है, साथ ही संपूर्ण विश्व में आवागमन के लिए गाड़ियों के निर्माण से जुड़ी सेवाएं प्रदान करता है।
अधिग्रहणकर्ता 2 (रेनॉल्ट एस.ए.एस.)
यह मोटर वाहनों के संबंध में अध्ययन, निर्माण, उनके व्यापार, मरम्मत, रखरखाव और किराये पर देने के व्यवसाय में लगा हुआ है। इसमें वाहनों के निर्माण या संचालन के लिए उपयोग किए जाने वाले कल-पुर्जे और उपकरणों का अध्ययन और निर्माण शामिल है। अधिग्रहणकर्ता 2 उपर्युक्त व्यावसायिक गतिविधियों से संबंधित सेवाओं के प्रबंधन में भी संलग्न है। अधिग्रहणकर्ता 1 और अधिग्रहणकर्ता 2 दोनों ही अंततः रेनॉल्ट एस.ए. (रेनॉल्ट) के नियंत्रण में हैं और रेनॉल्ट समूह का हिस्सा हैं।
रेनॉल्ट निसान ऑटोमोटिव इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (लक्ष्य)
इसका कार्य यात्री वाहनों का निर्माण और उनकी एसेंबलिंग है। इसमें ट्रांसमिशन, वाहनों के कल-पुर्जे और रेनॉल्ट तथा निसान को इनसे संबंधित सेवाएं प्रदान करना शामिल है।
इस प्रस्तावित अधिग्रहण के संबंध में आयोग का विस्तृत आदेश बाद में जारी किया जाएगा।
