नई दिल्ली: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने अपने ‘X’ (पहले ट्विटर) अकाउंट पर एक पोस्ट लिखकर पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के बयानों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाकिस्तान संबंधों में कथित मध्यस्थता के दावों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इन घटनाक्रमों को भारतीय कूटनीति के लिए “ट्रिपल झटका” बताया है।
उन्होंने अपने X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर पोस्ट कर कहा कि, “पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के भड़काऊ, उकसावेभरे और आपत्तिजनक बयानों का सीधा संबंध 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले से था।”
उन्होंने तंज कसते हुए आगे लिखा, “अब वही असीम मुनीर आज व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ लंच कर रहे हैं। क्या यही वजह है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने G7 शिखर सम्मेलन को एक दिन पहले ही छोड़ दिया और प्रधानमंत्री मोदी को वो ‘कड़क झप्पी’ भी नहीं दे पाए?”
जयराम रमेश ने यह भी आरोप लगाया कि, “राष्ट्रपति ट्रंप अब तक 14 बार यह दावा कर चुके हैं कि भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम उन्होंने ही करवाया था — यानी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को खत्म करने का पूरा श्रेय खुद को दे दिया।”
इतना ही नहीं, उन्होंने अमेरिकी रक्षा तंत्र पर भी कटाक्ष करते हुए कहा, “अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख जनरल माइकल कुरिल्ला ने पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ ‘शानदार साझेदार’ (phenomenal partner) बताया है।”
जयराम रमेश ने इन घटनाओं को भारत के लिए “ट्रिपल झटका” बताया, और कहा, “यह ‘हाउडी मोदी’ को ‘नमस्ते ट्रंप’ की तरफ से ट्रिपल झटका है! भारतीय कूटनीति एक के बाद एक झटकों से बिखर रही है और प्रधानमंत्री पूरी तरह मौन हैं।”
अंत में उन्होंने यह भी याद दिलाया कि, “कल उस कायरतापूर्ण बयान की पांचवीं बरसी भी है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने चीन को क्लीन चिट दी थी।”
पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के भड़काऊ, उकसावेभरे और आपत्तिजनक बयानों का सीधा संबंध 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमलों से था – आज आसिम मुनीर व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ट्रंप के साथ लंच कर रहा है। क्या यही वजह है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने G7 शिखर सम्मेलन एक दिन पहले ही…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) June 18, 2025
