इजरायल चुनाव में नेतन्याहू को झटका, CJP के सह संयोजक सौरभ दास ने जताई खुशी

Israel Election 2026: इजराइल के संसदीय चुनावों के बाद देश में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के गठबंधन को 120 सदस्यीय नेसेट में 53 सीटें मिली हैं, जबकि गादी आइजेनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन को 48 सीटों पर जीत मिली।

नेतन्याहू के पिछड़ने पर CJP नेता सौरभ दास गदगद
नेतन्याहू के पिछड़ने पर CJP नेता सौरभ दास गदगद

इजराइल में हुए हालिया संसदीय चुनावों के बाद वहां की राजनीति में बड़ा मोड़ आ गया है, जिसमें लंबे समय से प्रधानमंत्री रहे बेंजामिन नेतन्याहू काफी पिछड़ते हुए नजर आ रहे हैं। इजराइल रक्षा बलों (IDF) के पूर्व प्रमुख गादी आइजेनकोट अगली सरकार बनाने की दौड़ में सबसे आगे निकल गए हैं। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच विभिन्न राजनीतिक हलकों से तीखी प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं, और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरभ दास ने इस पर खुशी व्यक्त करते हुए इसे गाजा और फिलिस्तीन में मारे गए बेकसूर लोगों को याद करने का दिन बताया है।

चुनाव के आंकड़े और राजनीतिक समीकरण

120 सदस्यीय इजराइली संसद (नेसेट) में हुए चुनावों में किसी भी दल या गठबंधन को स्पष्ट बहुमत (61 सीटें) हासिल नहीं हुआ है। चुनाव परिणामों के अनुसार, बेंजामिन नेतन्याहू के गठबंधन को 53 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि गादी आइजेनकोट के गठबंधन ने 48 सीटों पर विजय प्राप्त की थी। इसके अलावा, इस चुनाव में अरब दलों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड 19 सीटें हासिल की हैं और वे सरकार गठन में किंगमेकर की भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं। राजनीतिक गतिरोध के बीच अरब दलों ने गादी आइजेनकोट को समर्थन देने की घोषणा कर दी है, जिससे उनकी स्थिति मजबूत हो गई है।

नेतन्याहू की मुश्किलों के कारण

अनुमानों और आंकड़ों के आधार पर गादी आइजेनकोट को लगभग 67 सांसदों का समर्थन मिलने की संभावना जताई जा रही है, जबकि बेंजामिन नेतन्याहू के पक्ष में केवल 46 सांसदों का समर्थन ही बनता दिख रहा है। नेतन्याहू की संभावनाओं को उस समय सबसे बड़ा झटका लगा जब उनके लंबे समय के सहयोगी दल ‘यूनाइटेड तोराह जुडाइज्म’ (UTJ) ने किसी भी उम्मीदवार का समर्थन नहीं करने का तटस्थ फैसला ले लिया।

सरकार गठन की प्रक्रिया और आगे के कदम

केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा औपचारिक रूप से चुनाव परिणाम सौंपे जाने के बाद, राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने नेसेट में सीटें जीतने वाले राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इजराइली परंपरा के अनुसार, राष्ट्रपति उस नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं जिसके पास बहुमत जुटाने की सबसे मजबूत संभावना होती है।

इस पूरी प्रक्रिया का सीधा प्रसारण किया जाता है, जिसमें दलों के नेताओं की राय और समर्थन को आधार बनाया जाता है। सरकार बनाने की जिम्मेदारी संभालने वाले नेता को अपना गठबंधन साबित करने और सरकार बनाने के लिए 28 दिनों का समय मिलता है। यदि राष्ट्रपति को यह उचित लगता है कि सरकार बनने की पूरी संभावना है, तो वे अपने विवेक का इस्तेमाल करते हुए इस समयावधि को 14 दिन और बढ़ा सकते हैं।

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