वामपंथी छात्र संगठन एइसा (AISA) की नेता नेहा बोरा के एक कथित वीडियो को लेकर देश की राजनीति में एक बार फिर भारी भूचाल आ गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले में सीधे तौर पर कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार करते हुए हिंदुओं से नफरत करने का गंभीर आरोप लगाया है। बीजेपी ने सोशल मीडिया पर नेहा बोरा का एक वीडियो साझा किया है, जिसमें कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मंदिरों में पुजारी बलात्कार जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं। इस बयान के सामने आने के बाद से राजनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है।
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी का तीखा हमला
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करते हुए कांग्रेस पार्टी पर जोरदार निशाना साधा है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि जिन्हें राहुल गांधी की पोस्टर गर्ल कहा जा सकता है, ऐसी नेहा बोरा हिंदुओं के प्रति अपनी नफरत खुलकर जाहिर कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नेहा बोरा का यह बयान उसी वैचारिक सोच से प्रेरित है जिसके तहत राहुल गांधी पहले यह कह चुके हैं कि देश के मंदिरों में लड़कियों के साथ छेड़छाड़ होती है। बीजेपी नेता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लगातार सनातन धर्म और हिंदुओं से घृणा करती है जबकि अपने वोट बैंक को साधने के लिए हर हद पार करती है। उनके अनुसार कांग्रेस की यह विभाजनकारी और तुष्टिकरण की सोच भारत की संप्रभुता और एकता के लिए एक बड़ा खतरा बन चुकी है।
वायरल वीडियो में क्या कह रही हैं नेहा बोरा?
प्रदीप भंडारी द्वारा साझा किए गए कथित वीडियो के अनुसार, नेहा बोरा यह कहती हुई सुनाई देती हैं कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए ब्राह्मणवादी व्यवस्था से सुरक्षा की आवश्यकता है। वीडियो में उनके हवाले से यह भी कहा गया है कि जो व्यवस्था यह सिखाती है कि गरीब, शूद्र, पशु और नारी ताड़ना के अधिकारी हैं, उसी व्यवस्था के कारण ब्राह्मण महिलाएं भी असुरक्षित हैं और उनके साथ भी बलात्कार जैसी घटनाएं होती हैं। इसके आगे वीडियो में कथित तौर पर यह भी कहा गया है कि मंदिरों में पुजारी बलात्कार करते हैं और इस तरह की बर्बर घटनाएं उन्नाव तथा कठुआ जैसी जगहों पर देखने को मिलती हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो और उसमें दिए गए बयानों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
अक्टूबर में बांग्लादेश के आंदोलन से तुलना को लेकर भी हुआ था विवाद
यह पहला मौका नहीं है जब नेहा बोरा अपने बयानों के कारण विवादों के केंद्र में आई हैं। इससे पहले अक्टूबर के मध्य में भी उनका एक अन्य वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने बांग्लादेश में हुए तख्तापलट और आंदोलन की खुले तौर पर सराहना की थी और भारत में हो रहे प्रदर्शनों की तुलना उससे की थी। उस दौरान भी बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने उन पर हमला बोलते हुए कहा था कि नेहा बोरा एक साक्षात्कार में यह कह चुकी हैं कि जो कुछ बांग्लादेश में हुआ, वही भारत में भी दोहराया जाना चाहिए।
बीजेपी ने तब आरोप लगाया था कि यह कोई सामान्य राजनीतिक प्रतिरोध नहीं है, बल्कि देश में एक अराजक विद्रोह और तख्तापलट कराने की सोची-समझी साजिश है। उस समय नेहा बोरा ने अपने बयान में कहा था कि जिस जेन-जी (Gen-Z) आंदोलन की शुरुआत बांग्लादेश से हुई थी, वह लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए था, और भारत के युवाओं का संघर्ष भी उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बांग्लादेशी आंदोलनकारियों को बधाई देते हुए धार्मिक कट्टरता के खिलाफ लड़ी गई उनकी लड़ाई को भारत के युवाओं की लड़ाई से जोड़ा था।
कांग्रेस से बढ़ती नजदीकियां और कन्हैया कुमार से तुलना
राजनीतिक हलकों में इन दिनों नेहा बोरा की कांग्रेस पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व के साथ बढ़ती नजदीकियों पर भी खासी चर्चा हो रही है। हाल ही में हुए कई बड़े विरोध प्रदर्शनों और आयोजनों में उन्हें कांग्रेस नेताओं के मंच पर और उनकी अगुवाई वाले आंदोलनों में प्रमुखता से शामिल देखा गया है। इन लगातार राजनीतिक गतिविधियों के चलते लोग उनकी तुलना कांग्रेस के युवा नेता कन्हैया कुमार से भी कर रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से कन्हैया कुमार कई सार्वजनिक प्रदर्शनों से थोड़े दूर नजर आए हैं, जिसके बाद वामपंथी छात्र पृष्ठभूमि से आने वाली नेहा बोरा की कांग्रेस के भीतर बढ़ती सक्रियता को एक नए राजनीतिक समीकरण के रूप में देखा जा रहा है।
