कर्नाटक विधान परिषद (MLC) चुनाव के तहत बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट पर जेडीएस के उम्मीदवार ए.पी. रंगनाथ ने बड़ी जीत हासिल की है। यह सीट बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही थी, जहां ए.पी. रंगनाथ एनडीए (NDA) के साझा उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे थे। उन्होंने कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी पुट्टन्ना को हराकर इस मुकाबले में शानदार सफलता दर्ज की है। इस जीत के बाद से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, और एनडीए खेमे में जश्न का माहौल है।
निखिल कुमार का राहुल गांधी पर तंज
इस चुनाव की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि यह मतदान बैलेट पेपर (मतपत्र) के जरिए संपन्न हुआ था। इसी बात को लेकर जेडीएस नेता निखिल कुमार ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा तंज कसा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा कि इस बार चुनाव में ईवीएम (EVM) पर ठीकरा फोड़ने का कोई मौका नहीं था, क्योंकि राज्य में मशीनरी कांग्रेस के हाथों में थी और मतदान पूरी तरह से कागजी बैलेट पेपर से हुआ था।
निखिल कुमार ने सवाल उठाया कि जब राज्य के पढ़े-लिखे शिक्षकों ने कांग्रेस सरकार की नाक के नीचे बैलेट पेपर पर अपने वोट डाले, तो अब हार के लिए कौन सा बहाना ढूंढा जाएगा। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या अब इसके लिए ‘पेपर चोरी’ का नया राग अलापा जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने विजेता उम्मीदवार ए.पी. रंगनाथ, एनडीए के तमाम शीर्ष नेताओं और कर्नाटक में बीजेपी व जेडीएस के सभी जमीनी कार्यकर्ताओं को इस शानदार जीत की बधाई दी।
एचडी कुमारस्वामी का बयान: सत्य और गठबंधन की जीत
केंद्रीय मंत्री और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने इस जीत को ‘सत्यमेव जयते’ करार दिया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि यह परिणाम झूठ, कुशासन, धनबल और बाहुबल की हार का प्रतीक है तथा यह राज्य में एक नई उम्मीद की सुबह लेकर आया है। कुमारस्वामी ने ए.पी. रंगनाथ को बधाई देते हुए इसे एनडीए की एक अद्भुत और ऐतिहासिक जीत बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि अन्य क्षेत्रों के चुनावों में भी एनडीए उम्मीदवार ही विजयी होंगे।
कुमारस्वामी ने जेडीएस और बीजेपी के कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षकों ने सत्ता के घमंड और प्रलोभनों को दरकिनार कर अपने विवेक से मतदान किया है। उन्होंने कहा कि गुरु हमेशा सही रास्ता दिखाता है और शिक्षकों ने इसी भरोसे के साथ भविष्य में बड़े बदलाव की नींव रखी है। उनके अनुसार, यह जनादेश 2028 में होने वाले कर्नाटक विधानसभा चुनाव का स्पष्ट संदेश है और यह एनडीए गठबंधन की एकजुटता की ताकत को दर्शाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस दीपावली के पावन अवसर पर बुराई और कुशासन रूपी ‘नरकासुर’ के पतन की शुरुआत हो चुकी है और आने वाले समय में इस गठबंधन की रोशनी पूरे कर्नाटक में फैलेगी। इस पूरी जीत के पीछे उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के कुशल मार्गदर्शन और प्रेरणा का भी विशेष रूप से आभार जताया।
