नई दिल्ली: 6 अक्टूबर को निर्वाचन आयोग (EC) के खिलाफ ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन से आम आदमी पार्टी (AAP) ने खुद को अलग कर लिया है। मतदाता सूची (SIR) में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे पर विपक्षी दलों के इस साझा प्रदर्शन में शामिल न होने का ऐलान करते हुए AAP ने स्पष्ट किया है कि वह इस लड़ाई को अपने स्तर पर और स्वतंत्र रूप से लड़ रही है।
संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने पार्टी के रुख को साफ किया। उन्होंने कहा, “6 अक्टूबर को होने वाला प्रदर्शन ‘इंडिया’ गठबंधन का कार्यक्रम है, इसलिए आम आदमी पार्टी इसका हिस्सा नहीं बनेगी। मतदाता सूची में गड़बड़ियों के खिलाफ देशभर में विरोध हो रहा है और हम भी अपने तरीके से इस लड़ाई को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं।”
संजय सिंह ने आगे कहा कि इस मुद्दे पर सीजेपी और वामपंथी दल भी अपने-अपने स्तर पर अलग-अलग स्थानों पर विरोध जता रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे के लिए अपने बैनर का भी इस्तेमाल नहीं कर रही है, क्योंकि यह जनता का मुद्दा है और इसे किसी एक गठबंधन तक सीमित रखने के बजाय एक व्यापक जन-आंदोलन बनना चाहिए, जिसमें आम नागरिक भी भागीदार बनें।
30 सितंबर की विपक्षी बैठक से भी गैरहाजिर रही थी AAP और DMK
उल्लेखनीय है कि 30 सितंबर को 19 प्रमुख विपक्षी दलों की एक अहम बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में निर्णय लिया गया था कि विपक्षी सांसद मतदाता सूची संशोधन की अनियमितताओं के विरोध में 6 अक्टूबर को निर्वाचन आयोग तक पैदल मार्च निकालेंगे और राष्ट्रपति से मुलाकात कर अपनी मांगें रखेंगे। हालांकि, उस बैठक में भी आम आदमी पार्टी और द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम (DMK) शामिल नहीं हुए थे।
30 सितंबर की उस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, राजद नेता तेजस्वी यादव, एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले और महबूबा मुफ्ती समेत वामपंथी दलों के शीर्ष नेताओं ने प्रत्यक्ष उपस्थिति दर्ज कराई थी। वहीं शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वर्चुअली शामिल हुए थे।
