नई दिल्ली: निर्वाचन आयोग के खिलाफ ‘इंडिया’ (INDIA) ब्लॉक के सांसदों ने मंगलवार को राजधानी दिल्ली में जोरदार विरोध मार्च निकाला। मतदाता सूची में किए जा रहे बदलावों और कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आयोजित इस प्रदर्शन में विपक्षी नेताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे और चुनावी प्रक्रिया में बड़े सुधारों की मांग करते हुए सरकार को घेरा।
प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय जनता दल के सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि यह लड़ाई केवल किसी एक राजनीतिक गठबंधन की नहीं है, बल्कि देश के सभी सही और जागरूक मतदाताओं की है जो लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए एकजुट हो चुके हैं। उन्होंने चुनाव आयोग के ढांचे में बुनियादी बदलाव पर जोर देते हुए कहा कि केवल मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे से मामला शांत नहीं होगा, बल्कि जब तक संसद में कानून बनाकर चुनाव आयुक्त के पद को पूरी तरह लोकतांत्रिक नहीं बनाया जाता, तब तक देश में इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी। बीजेपी के बयानों का जवाब देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल को ज्ञानेश कुमार के साथ-साथ सर्वोच्च न्यायालय से भी सहारा मिल रहा है और इस पूरे मामले पर अदालत की भी मौन सहमति दिखती है।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने विपक्ष का पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि उनका यह आंदोलन तीन मुख्य मुद्दों पर केंद्रित है। इनमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तुरंत इस्तीफा, एसआईआर प्रक्रिया को तुरंत रद्द करना और भविष्य के चुनावों को बैलेट पेपर के जरिए कराना शामिल है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के जज की हालिया टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा कि फॉर्म-6 में किए गए बदलावों के बारे में शीर्ष अदालत को भी अंधेरे में रखा गया था। सांसद ने साफ कहा कि यह लड़ाई देश के 13 करोड़ मतदाताओं के अधिकारों की है और चुनाव पीछे के रास्ते से चोरी करके नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं से जीते जाते हैं। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक विपक्ष और देश की जनता सड़कों पर इस आंदोलन को लगातार आगे बढ़ाती रहेगी।
